हनुमान के दर्शन से दूर होते हैं कष्ट

hanumanji darshan

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hanumanji darshan :

राज्य के छोटे से शहर आम्बूर में आज भी हनुमान के पैरों के निशान मौजूद हैं। यह एक अनूठा हनुमान मन्दिर है। दुनिया भर में अपने किस्म का अकेला मन्दिर है। सिर्फ इसी जगह पर भगवान हनुमान का इतना उग्र रुप देखने को मिलता है। क्योंकि यहीं पर गुस्से में आकर उन्होंने शनि देवता को अपने पैरों से दबा दिया था। वेद पंडित पुरुषोत्तम शास्त्री के मुताबिक सालों तक इस जगह पर कोई आता जाता नहीं था। लेकिन एक दिन हनुमान की ये भयंकर प्रतिमा अपने आप धरती से निकली। इतनी बड़ी प्रतिमा को देखकर पहले तो लोग चौंक गए। लेकिन वहां जो पुजारी हैं उनके पूर्वजों को सपने में आकर हनुमान जी ने सारी कहानी बताई।

सबसे पहले भक्तों को प्रसन्न मुद्रा वाले हनुमान के दर्शन करवाए जाते हैं। लेकिन जैसे ही हनुमान जी के इस उग्र मूर्ति का दर्शन होता है। शनि दोष अपने आप खत्म हो जाता है। हनुमान जी की 11 फीट ऊंची मूर्ति वहां पर है। ऐसा माना जाता है कि जब तक हनुमान जी की कृपा न हो कोई उनकी
तस्वीर अपने कैमरे में कैद नहीं कर सकता। इस मंदिर और इस मूर्ति से जुड़े कई रहस्य हैं। आपको हैरानी होगी जहां एक तरफ हनुमान जी की उग्र मूर्ति यहां देखने को मिलती है वहीं दूसरी ओर हनुमान जी प्रसन्न मुद्रा में दिखाई देते है|
हनुमान जी का उग्र मूर्ति आम्बूर के इस मंदिर में देखने को मिलती है वहीं दूसरी ओर हनुमान जी प्रसन्न मुद्रा में दिखाई देते हैं। इसके पीछे भी एक बड़ा रहस्य है।

hanuman ji darshan :

मन्दिर के पुजारियों के मुताबिक कोई भी हनुमान जी के उग्र रूप को देखकर घबरा सकता है यही वजह है कि दर्शन के लिए कुछ विधियों को ध्यान में रखा जाना जरुरी है। सबसे पहले भक्तों को प्रसन्न मुद्रा वाले हनुमान के दर्शन करवाए जाते हैं। लेकिन जैसे ही हनुमान जी के इस उग्र मूर्ति का दर्शन होता है। शनि दोष अपने आप खत्म हो जाता है।

दर्शन के बाद इस इस ध्वज स्तम्भ के नजदीक दिया जलाने की परंपरा है। उसके बाद नौ बार मन्दिर की परिक्रमा करनी होती है। इसके बाद नारियल तोड़कर एक भक्त यहां जो भी मुराद मांगता है वो जरुर पूरी होती है। चाहे संतान की बात हो या फिर शादी में आने वाली अड़चनें।
मंदिर के पंडित कुप्पू राम शर्मा का कहना है कि एक बार इस मन्दिर आकर हनुमान की स्वयं भू मूर्ति के दर्शन करने भर से सभी गृह दोष दूर हो जाते हैं। जिन्हें बच्चे नहीं होते उन्हें यहाँ आकर पूजा करने से संतान प्राप्ति होती है।

शनिवार के दिन मंदिर में भक्तों की भीड़ संभाले नहीं संभलती। क्योंकि बाहर से तो लोग दर्शन के लिए आते हैं। यहां दो लाख ऐसे परिवार हैं जिनके कुल देवता ही हनुमान हैं।

क्यों है बजरंग बलि सबसे अलग और निराले !

क्या होगा अगर शनिदेव की दृष्टि पड़ेगी आप पर….आइये जानते है !

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