शनि की रहस्यकथा: अपराधी कौन?

shani dev story in hindi

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shani dev story in hindi :

हमारे सौर मंडल के दूर सिरे पर स्थित शनि ग्रह के बारे में एक पहेली सुलझा ली गई। ग्रह के गिर्द मौजूद उन छल्लों या वलयों के बारे में, जो सदियों से वैज्ञानिकों को अपने रहस्य में उलझाए रहे हैं। पुरानी जासूसी कहानियाँ एक ही सवाल पर आधारित होती थीं। अपराधी कौन? हत्या किसने की? और वह शर्लाक होम्स रहे हों या फिर हर्क्यूल पायरो, इस सवाल का जवाब हासिल करने के लिए न तो उन्हें पिस्तौल हाथ में लेकर किसी की जगह-जगह तलाश की जरूरत होती थी, न ही स्पीड का रिकॉर्ड तोड़तीं, एक-दूसरे का पीछा करतीं कारों की।

तर्क और क़ायदे वाली सोच-समझ का सहारा लेकर ये अनूठे जासूस कमरे में बैठे-बैठे इस समस्या का समाधान पा लेते थे। इस गुत्थी को सुलझा लिया करते थे कि हत्या किसने की, अपराधी कौन है।कुछ इसी तरह हाल में हमारे सौर मंडल के दूर सिरे पर स्थित शनि ग्रह के बारे में एक पहेली सुलझा ली गई। ग्रह के गिर्द मौजूद उन छल्लों या वलयों के बारे में, जो सदियों से वैज्ञानिकों को अपने रहस्य में उलझाए रहे हैं। इस उलझन में कि इन वलयों का निर्माण कैसे हुआ, कैसे वे वजूद में आए। और जानी-पहचानी रहस्यकथाओं के अनोखे जासूसों की तरह आज के वैज्ञानिकों ने भी, जैसाकि उनका कहना है, इस राज़ का पर्दाफाश कर दिया है।

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जिस वैज्ञानिक ने एक कंप्यूटर मॉडल पर आधारित इस नए अध्ययन का संचालन किया, वह हैं बोल्डर, कोलोरैडो के साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट की अंतरिक्षविज्ञानी रॉबिन कैनप। वह कहती हैं, ‘शनि अपनी वलय-प्रणाली, अपने छल्लों के लिए मशहूर है और उसके ये वलय कुछ तरह से असाधारण हैं। पहली बात तो यह कि वे अन्य विशाल ग्रहों के गिर्द मौजूद छल्लों की तुलना में काफी बड़े हैं। लेकिन शायद सबसे अधिक विशेष और महत्वपूर्ण बात यह है कि वे लगभग पूरी तरह पानी की बर्फ़ से बने हैं और यह संरचना, सामग्री के उस सामान्य मिश्रण से अलग है, जो हम बाहरी सौर मंडल में देखते हैं, जो एक तरह से आधी चट्टान और आधी बर्फ का मिश्रण होता है।’

अब तक का एक प्रमुख सिद्धांत यह था कि या तो शनि के कई उपग्रह आपस में टकरा गए थे, या फिर यह कि कोई ऐस्टरॉयड यानी ग्रहिका उनमें से किसी से जा टकराई थी, जिसके परिणाम में बने मलबे से वलयों का निर्माण हुआ। इस धारणा के साथ वही मुश्किल जुड़ी हुई थी, जिसका जिक्र कैनप ने किया है। यह कि शनि के सभी उपग्रह आधी बर्फ और आधी चट्टान से बने थे, जबकि ग्रह के सात वलय अब 95 प्रतिशत बर्फ के बने हैं। कभी वे शायद पूरी तरह बर्फ ही बर्फ रहे होंगे।

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