जानिए शिंगणापुर में जन्मे शनि देव के बारे में

Shani Shingnapur

Shani Shingnapur

Shani Shingnapur :

पुराणों और शास्त्रानुसार कश्यप मुनि के वंशज भगवान सूर्यनारायण की पत्नी स्वर्णा (छाया) की कठोर तपस्या से ज्येष्ठ मास की अमावस्या को सौराष्ट्र के शिंगणापुर में शनि का जन्म हुआ। माता ने शंकर जी की कठोर तपस्या की। तेज गर्मी व धूप के कारण माता के गर्भ में स्थित शनि का वर्ण काला हो गया। पर इस तप ने बालक शनि को अद्भुत व अपार शक्ति से युक्त कर दिया। एक बार जब भगवान सूर्य पत्नी छाया से मिलने गए तब शनि ने उनके तेज के कारण अपने नेत्र बंद कर लिए। सूर्य ने अपनी दिव्य दृष्टि से इसे देखा व पाया कि उनका पुत्र तो काला है जो उनका नहीं हो सकता।

ये भी पढ़े... मंगलवार को करें ये काम, बजरंग बली लगाएंगे बेड़ा पार !

सूर्य ने छाया से अपना यह संदेह व्यक्त भी कर दिया। इस कारण शनि के मन में अपने पिता के प्रति शत्रुवत भाव पैदा हो गए। शनि के जन्म के बाद पिता ने कभी उनके साथ पुत्रवत प्रेम प्रदर्शित नहीं किया। इस पर शनि ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया।

ये भी पढ़े... घर के मंदिर में कभी भी ना करें ये गलतिया !

आगे पढ़े…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *