किन स्थितियों में नहीं करनी चाहिए हनुमान जी की पूजा ?

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hanuman ji ki puja kaise karni chahiye:

हनुमान जी को कलयुग में सर्वशक्तिशाली देवता माना जाता है तथा वे तुरंत अपने भक्तो के मनोकामना पूर्ण करते है . परन्तु क्या आप जानते है की कुछ ऐसे भी स्थितियां होती है जब भूल कर भी हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए.

अथवा हनुमान जी की पूजा करते समय कुछ समाग्रियों को विधि विधान के साथ ही प्रयोग में लाना चाहिए अन्यथा आपको हनुमान जी के कोप को सहन करना पड सकता है. आइये जानते है की कब हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए.

1 . यदि आप स्त्री है और हनुमान जी की पूजा ( hanuman ji ki puja ) करने की सोच रहे है तो ऐसा ना करें क्योकि हनुमान जी ने जानकी जी को माता माना है तथा उन्होंने प्रत्येक स्त्रियों को माँ का दर्जा दिया है.

यही कारण है की हनुमान जी किसी भी स्त्री को अपने सामने प्रणाम करते नहीं देख सकते बल्कि स्त्री शक्ति को वे स्वयं नमन करते है. परन्तु फिर भी यदि महिलाएं चाहे तो हनुमान जी के चरणों में दिप अर्पित कर सकती है तथा उन्हें प्रसाद अर्पित कर सकती है.

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लेकिन 16 उपचार जिनमे मुख्यतः हनुमान जी को स्नान करना, चोला चढ़ाना, वस्त्र चढ़ाना ये सब सेवाएं किसी महिला द्वारा किया जाना अथवा उन्हें छूना ये हनुमान जी पूजा में बिलकुल निषेध है.

2 . यदि आप ने काले या सफ़ेद वस्त्र धारण कर रखे तो भूल से भी हनुमान जी की पूजा न करें, यदि ऐसा किया तो पूजा का नकरात्मक प्रभाव पूजा करने वाले पर पड़ता है. लाल या पिले वस्त्र हनुमान जी की पूजा के लिए उत्तम माने गए है.

3 . यदि आप ने आपने मॉस या मदिरा इत्यादि का सेवन करा है तो भूल से भी हनुमान जी के मंदिर ना जाये या घर पर उनकी पूजा न करें क्योकि ऐसा करने पर हनुमान जी अति शीघ्र कुपित हो जाते है तथा जिसके भयंकर परिणाम आपको भुगतने पड सकते है.

यदि आप का मन अशांत है या आप क्रोध में है तब भी हनुमान जी की पूजा न करें क्योकि हनुमान जी शांतप्रिय व्यक्तित्व के थे और यदि आप क्रोध या अशांत मन से उनकी पूजा करते है तो ऐसी पूजा का कोई भी शुभ फल आपको प्राप्त नहीं होगा.

4 . हनुमानजी के पूजन में साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है. किसी भी प्रकार की अपवित्रता नहीं होनी चाहिए. जब भी पूजा करें, तब पुरे मन से और तन से पवित्र हो जाना चाहिए.

पूजन के दौरान गलत विचारों की ओर मन को भटकने न दें. हनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं करना चाहिए. यदि ये सब बातो को ध्यान आप हनुमान जी की पूजा में नहीं रखते तो आप को हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए. क्योकि इन सावधानी को अपनाए बिना हनुमान जी की पूजा व्यर्थ है अर्थात वह फलदायी नहीं होती.

5 . यदि घर के मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति खंडित हो अथवा टूटी मूर्ति हो तो कभी भी उनकी पूजा नहीं करनी चाहिए. शस्त्रों में खंडित मूर्ति की पूजा अशुभ मानी गई है था हनुमान जी के खंडित मूर्ति की पूजा अशुभ प्रभाव लाती है.

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