एक प्रेत ने बताया था तुलसी को हनुमान जी का पता, तब हुए थे भगवान श्री राम के दर्शन ! एक रोचक कथा ..

तुलसीदास जब पैदा हुए तो रोते हुए पैदा नही हुए और पैदा होने के साथ ही उनके मुंह में पुरे के पुरे बत्तीस दांत भी थे, पहला ही शब्द उनके मुख से निकला था राम इस कारण नामकरण हुआ रामबोला. उनके पिता का नाम था आत्मा राम माता का नाम हुलसी, पत्नी का नाम था रत्नावली(बुद्धिमती) और पुत्र का नाम था तारक.

रामबोला का जब विवाह हुआ तो वह अपनी पत्नी के आकर्षण में इतना खो गए थे की वह बाहर की दुनिया ही भूल गए. इस पर एक दिन रामबोला की पत्नी परेशान होकर उन्हें छोड़ अपने मायके चले गयी.

लेकिन वो रात में वंहा भी पहुँच गए और तब उनकी पत्नी ने गुरु के जैसे ऐसे वचन कहे की उनका वैराग्य जाग गया और वे तुरंत श्रीराम की खोज में निकल गए.

रामबोला तुलसीदास बन गए, उसी समय घर छोड़ दिया और चौदह वर्षो तक तीर्थ यात्रा की. इस पर भी उन्हें सत्य का ज्ञान नहीं हुआ तो खीज के अपने यात्राओ के दौरान इकट्ठा किये जल का कमंडल एक सूखे पेड़ की जड़ो में फेंक दिया.

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