जाने माँ वैष्णो देवी की गुफा से जुड़े इन 6 रहस्यों को !

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Vaishno devi mandir history in hindi :

हिन्दुओ का विश्व प्रसिद्ध तथा पवित्र तीर्थ स्थल माता वैष्णो देवी का मंदिर जम्मू कश्मीर राज्य के त्रिकुटा पहाड़ियों पर बसा है. माता का यह मंदिर पहाड़ों में एक गुफा के अंदर स्थित है, प्रत्येक वर्ष लाखो भक्त माता के दर्शन करने के लिए यहाँ आते है.

यह मंदिर पहाड़ पर स्थित होने के कारण अपनी भव्यता व सुंदरता के कारण भी प्रसिद्ध है.  वैष्णो देवी भी ऐसे ही स्थानों में एक है जिसे माता का निवास स्थान माना जाता है. यह भारत में तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थस्थल है.

जितना महत्व यहाँ माता वैष्णव देवी का है उतना ही महत्व माता की गुफा का भी है. माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए उनके भक्तो को एक प्राचीन गुफा से होकर गुजरना पड़ता है. कहा जाता है की माता की यह गुफा बहुत ही चमत्कारी और रहस्यों से भरी पड़ी है.

आइये जानते है माता वैष्णव देवी की गुफा से जुड़े 6  रहस्य :-

1 . माता वैष्णो देवी के दरबार में प्राचीन गुफा का अत्यधिक महत्व है. मान्यता है के प्राचीन गुफा में भैरव देवता का शरीर आज भी कहि मौजूद है. माता वैष्णो देवी ने यही पर भैरव को अपने त्रिशूल से मारा था और उसका सर उड़ क़र भैरव घाटी में चला गया था व शरीर यहाँ रह गया.

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2 . माता वैष्णव देवी के दर्शन के लिए वर्तमान में जिस रास्ते का प्रयोग किया जाता है वह गुफा में पहुंचने का प्राकृतिक रास्ता नहीं है. श्रृद्धालुओ की बढ़ती संख्याओं को देखते हुए कृत्रिम रास्ते का निर्माण 1977  में किया गया. वर्तमान में इसी रास्ते से श्रृद्धालु माता के दरबार में पहुंचते है.

3 . किस्मत वाले भक्तो को प्राचीन गुफा से आज भी माता के भवन में प्रवेश करने का सौभाग्य मिल जाता है. यहाँ पर नियम है की जब  भी कभी यहाँ दस हजार से काम श्रृद्धालु होते है तब प्राचीन गुफा का द्वार खोल दिया जाता है.

4 . प्राचीन गुफा का यह भी महत्व है की इसमें पवित्र गंगा जल प्रवाहित होता रहता है. इस जल से पवित्र होकर माता के दरबार में पहुंचने का विशेष महत्व माना जाता है.

5 . वैष्णो देवी मंदिर में पहुंचने वाली घाटी में कई पड़ाव भी है जिनमे से एक है आदि कुंवारी या आद्य कुंवारी. यही एक और गुफा भी है जिसका नाम है गर्भुजन. गर्भुजन गुफा को लेकर मान्यता है की माता यहाँ 9 महीने तक उसी प्रकार रही थी जैसे की शिशु अपनी माता के गर्भ में नो महीने तक रहता है.

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6 . गर्भजून गुफा के लेकर यह भी मान्यता है की इस गुफा में जाने से मनुष्य को फिर गर्भ में नहीं जाना पड़ता अर्थात वह मृत्यु के पश्चात मोक्ष को प्राप्त होता है. अगर किसी खास उद्देश्य से उसे गर्भ में आना भी पड़ता है तो अर्थात मनुष्य रूप में जन्म लेना पड़ता है तो उसे कोई कष्ट नहीं उठाना पड़ता. उसका जीवन सुख और वैभव से भरा होता है.

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