बहुत ही महत्वपूर्ण है भगवान शिव से जुड़े यह सात रहस्य !

एक परम दिव्य तत्व के तीन भाग ( ब्र्ह्मा, विष्णु, शिव ) का अंतिम भाग है भगवान शिव. महादेव शिव के गुण एवं उनकी अद्भुत महिमा अपरम्पार एवं अनन्त है. यदि हम सरल शब्दों में कहे तो भगवान शिव अव्यक्त एवं अनन्त स्वरूप के देवता है तथा उनके गुणों एवं महिमा की गिनती हम साधारण मनुष्यो के बस की बात नहीं .

स्वयं शास्त्रों में लिखी एक बात भगवान शिव के गुणों की अनन्ता को प्रदर्शित करती है. जिसके अनुसार यदि पर्वत जितना काजल लेकर, समुद्र रूपी दवात में रखे तथा कल्पवृक्ष को कलम बनाकर पृथ्वी रूपी कागज में स्वयं ज्ञान की देवी सरस्वती शिव के गुणों को लिखना प्रारम्भ करें तो भी भगवान शिव के गुणों एवं उनकी महिमा की गाथा का अंत नहीं होगा.

महादेव शिव के ऐसे ही गुणगान से जुडा उनका एक नाम बहुत ही अद्भुत एवं प्रभावकारी माना जाता है. यह नाम विशेषकर सावन के महीने भगवान शिव के हर भक्त के मुंह में होता है. भगवान शिव का वह पावन नाम है ”हर”. भगवान शिव के सभी भक्त हर हर महदेव का जयकार करते है.

हर शब्द से अभिप्राय है हरण करने वाला. पुराणों के अनुसार महादेव शिव तथा उनका परम नाम सभी भक्तो के दुःख को हर लेता है. बुद्धि, विचार, कर्म तथा वाणी से जुड़े हर पकार के दोष भगवान शिव के एक नाम ”हर” जपने से दूर हो जाते है . दूसरे शब्दों में भगवान शिव का यह नाम पाप, दोष तथा दुर्गुण आदि का निवारण करता है.

भगवान शिव की अपार महिमा तथा उनके वेशभूसा, श्रृंगार भगवान शिव को सबसे अनोखा एवं निराला बनाती है.



आइये जानते है सबसे निराले एवं रहस्मयी देवो के देव महादेव शिव से जुड़े साथ अनोखी बाते :-

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