दुर्योधन की सिर्फ एक इस भूल ने बदल डाला पुरे भारत का इतिहास, महाभारत की एक अनसुनी गाथा !

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हमारा हिन्दू सनातन धर्म अनेक संस्कृतियों एवं भाषाओं का संगम है, यहाँ पर लोगो की ईश्वर के प्रति अटूट आस्था है तथा लोग देवी-देवताओ, मूर्तियों यहाँ तक की धर्म ग्रंथो की भी पूजा करते है.

हमारे भारत में भले ही आज लोगो की परमात्मा रूपी आत्मा नहीं हो परन्तु हमारे सदियों पुराने ग्रंथो एवं पुराणों ने हमें मनुष्यो की आत्मा को बांधकर रखा है तथा उन्हें सत्य के मार्ग में अग्रसर होने की राह दिखाई है.

इन सभी महान धर्म ग्रंथो में से एक भागवत गीता जिसमे हिन्दू धर्म में अन्य नमो से भी पुकारा जाता है जैसे, भागवात पुराण, भगवत, भागवतम इत्यादि.

परन्तु इस महान ग्रन्थ के नाम तथा इसमें बसी अनेक कथाओ के साथ ही इसमें कुछ रोचक तथ्य भी छुपे है व इनमे से बहुत सी ऐसी बाते भी है जो आज तक हमारे लिए अंजान बनी हुई है.

इस ग्रन्थ में न केवल सही राह में चलने का मार्ग प्रदर्शित किया गया है बल्कि उस युग से जुडी ऐसी बातो का वर्णन भी किया गया है जिससे कलयुग का मानव वंचित है.

कहा जाता है भगवान श्री कृष्ण ने एक बार दुर्योधन को भी स्वयं गीता ज्ञान के उपदेश देने की बात कही थी.

दुर्योधन उस समय अपने अहंकार के घमंड में खोया हुआ था उसने भगवान कृष्ण की बात यह कह कर रोक दी थी की वह सब कुछ जानता है उसे कुछ भी अन्य जानने की आवश्यकता नहीं.


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