शस्त्रों के अनुसार भूल से भी नहीं मांगनी चाहिए ये 6 चीजे, अन्यथा आती है कंगाली !

अधिक से अधिक धन और सभी सुख-सुविधाएं, हर व्यक्ति की चाहत है. हर कोई यह कामना करता है कि उसके पास ढेर सारा धन हो जिससे वह जो चाहे, जब चाहे खरीद सके, अपनी सभी जरूरतों को पूरा कर सके, अपने साथ अपने परिवार का पूरा ध्यन रख सके, उसके परिवार को कभी भी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़े…..काश इतना धन हो उसके पास.

आप भी तो यही कामना करते होंगे, और इस चाहत को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक मेहनत करके धन भी कमाते हैं लेकिन फिर भी कभी-कभार वह धन हमारे पास बना नहीं रहता. यह केवल आपकी परेशानी नहीं है, आपके आसपस रह रहे हर दूसरे व्यक्ति की समस्या है.

धन यदि हो भी तो वह हमारे पास टिकता नहीं है और दुर्भाग्य से कई बार वह समय भी दूर नहीं रहता, जब कंगाली के काले बादल व्यक्ति के ऊपर मंडराने लगते हैं. ऐसा आपके साथ ना हो इसके लिए हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो आर्थिक तंगी से आपको हमेशा दूर रखेंगी.

यदि आप हिन्दू शास्त्रों में थोड़ा भी विश्वास करते हैं और मानते हैं कि शास्त्रीय ज्ञान जीवन को सुधारने के काम आता है तो जानिए कुछ ऐसी चीजों के बारे में जो हमें कभी किसी से मांगनी नहीं चाहिए. शास्त्रों में विद्यमान शंख लिाखि त स्मृतिा के अंतर्गत कुल 6 चीजों का वर्णन किया गया है, जिन्हें किसी से मांगकर यदि इस्तेमाल किया जाए, तो यह भविष्य में उस व्यक्ति के लिए नुकसानदेह साबित होता है.

दूसरों से कभी धन न मांगे :-
शंख लिरंखित स्मृतिक के अनुसार हमें दूसरों से धन मांगने या उनका धन गलत तरीके से छीनने की भूल नहीं करनी चाहिए. कई बार लोग बेईमानी से दूसरों का धन छीन लेते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए. शास्त्रों एक अनुसार ऐसे लोगों के घर मां लक्ष्मी कभी नहीं ठहरती, वक्त आने पर वह व्यक्ति कंगाल जरूर हो जाता है.

कभी दूसरों के बिस्तर में न सोये :-
जी हां… यह बात जानकर आपको वाकई अजीब लग रहा होगा लेकिन शंख लिरंखित स्मृतिन के अनुसार हमें दूसरों के बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में आर्थिक समस्याएं आती हैं.

किसी के वस्त्र मांग कर न पहने :-
केवल दूसरों के बिस्तर पर सोना ही नहीं, शंख लि खिात स्मृतिस की राय में किसी के कपड़े मांगकर पहनना भी शुभ नहीं है.

दूसरों की गाड़ी प्रयोग में न लाये :-
दोस्त होने के नाते हम स्वयं की गाड़ी या कभी-कभी खुद भी अपने दोस्त की गाड़ी मांगकर चलाते हैं. लेकिन शंख लि कखि त स्मृति में बताया गया है किक ऐसा करना खुद अपने को नुकसान पहुंचाना है. इससे खुद के धन की क्षति होती है.

दूसरों का अन्न :-
यहां किसी के घर जाकर यानि कि किसी का मेहमान बनकर भोजन करने की बात नहीं की गई है. शंख लिनखिीत स्मृतिन के अनुसार जब आप स्वयं भोजन के लिए मेहनत किए बिना हमेशा किसी पर निर्भर होकर भोजन करते हैं, तो यह गलत है. आपको स्वयं ही अपने भोजन के लिए संघर्ष करना चाहिए.

पराई स्त्री से रिश्ता :-
स्वयं के शादीशुदा जीवन से बाहर निकल, जब कोई व्यक्ति पराई स्त्री पर नज़र रखता है और उससे रिश्ता बनाता है तो यह आने वाले समय में उसकी आर्थिक स्थिति पर चोट पहुंचाता है.
दूसरे के घर में रहना या उनकी मर्जी के बिना, बगैर कोई हर्जाना भरे रहना गलत है. यह आने वाले समय में व्यक्ति को बर्बाद कर देता है.

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