कुंती के जन्म से जुडी एक अनुसनी कथा, जिसने बदल दिया था सम्पूर्ण महाभारत !

महाभारत सनातन धर्म के सबसे प्रमुख काव्य ग्रन्थ होने के साथ ही विश्व का सबसे लम्बा सहित्यिक ग्रन्थ भी कहलाता है. महाभारत की कथा में अनेक पात्र ऐसे है जिन्हे हमेशा से सवालों के घेरे में रखा गया है. जिनमे से महाभारत की एक प्रसिद्ध पात्र कुंती भी है जो पांडवो की माता थी.

महाभारत की कथा में कुंती ने अनेक ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे जो समाज की दृष्टि में गलत ठहराए जाते है. जैसे महारथी एवं दानशील योद्धा कहलाने वाले कर्ण के जन्म के समय कुंती ने उन्हें नदी में बहा दिया था जिसे अधिकतर लोग सही नहीं मानते.

इसी के साथ ही एक अन्य गलतफहमी के कारण कुंती ने अपने पुत्रों को आदेश दिया था की वह द्रोपदी को पांचो भाइयो में बाट ले. अधिकत्तर लोगो द्वारा खासकर बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा कुंती का यह निर्णय उचित नहीं ठहराया जाता.

लेकिन यदि इन सभी बातो से ऊपर उठकर गहराई से सोचे तो महाभारत के अनेक पात्र पूर्वजन्म या बचपन के श्राप एव समस्याओं से गुजर चुके है.

जिसके कारण उनका व्यक्तित्व एवं उनका कर्म उसी प्रकार प्रभावित हुआ है. कुंती भी इस बात का अपवाद रही है.

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