जाने कौन सी थी वे तीन महत्वपूर्ण बाते जो मरते वक्त बाली ने बताई थी अपने पुत्र अंगद को, बदल सकती है किसी की भी जिंदगी !

angad (2)

जब रावण सीता का हरण करके लंका ले गया तो सीता की खोज करते हुए श्रीराम और लक्ष्मण की भेंट हनुमान से हुई. ऋष्यमूक पर्वत पर हनुमान ने सुग्रीव और श्रीराम की मित्रता करवाई. सुग्रीव ने श्रीराम को सीता की खोज में मदद करने का आश्वासन दिया.

इसके बाद सुग्रीव ने श्रीराम के सामने अपना दुख बताया कि किस प्रकार बालि ने बलपूर्वक मुझे (सुग्रीव को) राज्य से निष्कासित कर दिया है और मेरी पत्नी पर भी अधिकार कर लिया है. इसके बाद भी बालि मुझे नष्ट करने के लिए प्रयास कर रहा है.

ये भी पढ़े... मंगलवार को करें ये काम, बजरंग बली लगाएंगे बेड़ा पार !

इस प्रकार सुग्रीव ने श्रीराम के सम्मुख अपनी पीड़ा बताई तो भगवान ने सुग्रीव को बालि के आतंक से मुक्ति दिलाने का भरोसा जताया. जब श्रीराम ने सुग्रीव के शत्रु बालि को खत्म करने की बात कही थी तो सुग्रीव ने उसके पराक्रम और शक्तियों की जानकारी श्रीराम को दी.

ये भी पढ़े... घर के मंदिर में कभी भी ना करें ये गलतिया !

सुग्रीव ने श्रीराम को बताया कि बालि सूर्योदय से पहले ही पूर्व, पश्चिम और दक्षिण के सागर की परिक्रमा करके उत्तर तक घूम आता है. बालि बड़े-बड़े पर्वतों पर तुरंत ही चढ़ जाता है और बलपूर्वक शिखरों को उठा लेता है. इतना ही नहीं, वह इन शिखरों को हवा में उछालकर फिर से हाथों में पकड़ लेता है. वनों में बड़े-बड़े पेड़ों को तुरंत ही तोड़ डालता है .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *