अमरनाथ के 4 अत्यधिक पवित्र स्थान, जिनके दर्शन बिना अधूरी है अमरनाथ यात्रा !

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भारत के उत्तर में स्थित राज्य जम्मू कश्मीर में भगवान शिव का एक बहुत ही पवित्र एवं परम धाम अमरनाथ (amarnath yatra) है. उत्तराखंड में स्थित केदरनाथ तथा बद्रीनाथ के समान ही अमरनाथ धाम की भी महिमा अत्यन्त पावन है.

केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम की मान्यता के अनुसार इन दोनों धामों के केवल दर्शन मात्र से मनुष्य को पुनः गर्भ में नहीं आना पड़ता, उसी तरह बाबा अमरनाथ के हिमलिंग के दर्शन से मनुष्य के सभी पाप शांत हो जाते है तथा वह मोक्ष को प्राप्त करता है.

बाबा अमरनाथ (amarnath yatra) के धाम में अनोखी अलौकिक देवीय शक्तियां व्याप्त है, यही कारण की इस पवित्र धाम के दर्शन के लिए प्रत्येक वर्ष लाखो के संख्या में श्रृद्धालु अमरनाथ की कठिन यात्रा कर यहाँ पहुंचते है.

अमरनाथ(amarnath yatra) के इस पावन यात्रा के समय मार्ग में पड़ने वाली कई ऐसे पवित्र स्थान है जो अत्यधिक महत्त्व रखते है. क्योकि यह पवित्र स्थान महादेव शिव एवं माता पार्वती के संग होने का अहसास कराती है.

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चंदनबाड़ी गुफा :-

चंदनबाड़ी अमरनाथ गुफा की यात्रा मार्ग में वह स्थान है, जहां पर महादेव शिव ने अपने माथे के चन्दन एवं भभूत को उतारा कर रख दिया था. इसलिए यहाँ पर कण – कण में भगवान शिव का अस्तित्व माना जाता है.

यहाँ की मिटटी अत्यन्त पवित्र है, जिसे श्रृद्धालु चंदन के समान मानकर अपने माथे में लगाते है तथा शिव कृपा के अनुभूति प्राप्त करते है.

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शेषनाग झील :-

बाबा अमरनाथ यात्रा के मार्ग में एक अत्यन्त मनोरम स्थान झील है , इस झील को शेषनाग झील के नाम से पुकारा जाता है. ऐसी मान्यता है की इस झील में साक्षात् भगवान शेषनाग का वास है तथा शेषनाग 24 घंटे में एक बार इस झील में कुछ पल के लिए प्रकट होते है.

इस स्थान की बनावट भी इस प्रकार है की इस जगह को कुछ दुरी से देखने पर ऐसा लगता मानो शेषनाग अपना फन फैलाकर देख रहे है.

अमरनाथ गुफा के भीतर प्रवेश करने से पहले भगवान शिव ने इसी स्थान पर अपने गले से नाग को उतारकर यहाँ पर रखा था.

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पंचतरणी :-

अमरनाथ यात्रा के समय पंचतरणी नामक स्थान पर पंचतरणी नदी से पांच धारायें प्रवाहित होती है. मान्यता है की यह भगवान शिव के जटाओं से निकलने वाली धारए है जो निरंतर बहती रहती है.

इन धाराओं का केवल स्पर्श मात्र ही मनुष्य के मन में अद्भुत शांति का अनुभव कराता है.

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संगम :-

पंचतरणी से कुछ दुरी पर संगम नामक स्थान है जहां पर अमरावती एवं पंचतरणी दोनों एक दूसरे के साथ मिल जाती है.

अमरनाथ गुफा में पवित्र हिमलिंग के दर्शन से पूर्व श्रृद्धालु अमरावती नदी में स्नान करते है , माना जाता है की इस नदी में स्नान करने से मनुष्य अपने आपको पवित्र करता है तथा इसके बाद अमरनाथ के दर्शन करता है.

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