भगवान शिव के मुंड माल से जुड़े इस रहस्य को जान स्वयं देवी सती भी हो गई हैरान.

mahakal mantra, महामृत्युंजय मंत्र, महाकाल मंत्र

महादेव शिव एवम देवी सती के अद्भुत प्रेम की गाथा शास्त्रो और पुराणों में वर्णित है की कैसे देवी सती ने अपने पति महादेव के अपने पिता द्वारा अपमान होने पर यज्ञ कुंड में अपने प्राणों की आहुति दी थी और कैसे महादेव शिव ने देवी सती के वियोग में उनके शव को उठाए क्रोधित शिव तांडव किया.

यद्यपि ये सभी तो भगवान शिव की महिमा एवम उनकी एक लील भी थी जिसके परिणाम स्वरूप देवी शती के 51 शक्तिपीठ की स्थापना हुई.

शिव पुराण की कथा के अनुसार देवी सती ने महादेव शिव को पहले ही यह बता दिया था की वह यह शरीर त्याग करना चाहती है.

और इस समय उन्होंने देवी सती को अपने गले में मौजूद मुंडो की माला का रहस्य बताया था जो हैरान करने वाले था, जगत जननी देवी सती भी स्वयं इस रहस्य को जान आश्चर्यचकित हो गई.

आइये भगवान शिव के मुंड माला से जुड़े रहस्य की कथा को विस्तार से जानते है.

एक बार नारद जी के उकसाने पर देवी साती महादेव शिव से जिद करने लगी की आखिर आपने अपने गले में इस मुंड की माला को क्यों धारण किया हुआ है और आखिर इसका क्या रहस्य है.

पहले तो भगवान शिव ने देवी सती की इस बात को टालने की कोशिश करी परन्तु देवी सती के बार बार आग्रह करने पर अंत में महादेव को इस रहस्य से पर्दा उठाना ही पड़ा.

You May Also Like