आखिर प्रसिद्ध जगन्नाथ की मूर्ति क्यों रह गयी अधूरी? चौका देगी यह रहस्यमय कथा आपको !

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हमारे हिन्दू धर्म के चार अत्यंत पवित्र एवम उच्चतम धामो में सम्मलित जगन्नाथ पूरी का मंदिर अपने आप में अनेक रहस्य समेटे हुए है. भगवान श्री कृष्ण को समर्पित इस मंदिर से जुडी गाथा वास्तव में हैरान एवम चौका देने वाली है.

आज हम आपको बताने जा रहे है की आखिर इस मंदिर में स्थापित भगवान जगन्नाथ की मूर्ति क्यों अधूरी है तथा इसके पीछे का क्या रहस्य है.

जगन्नाथ मन्दिर के रहस्य से जुडी प्रचलित कथा के अनुसार एक बार बाल गोपाल श्री कृष्ण की माता यशोदा, देवकी जी और उनकी बहन सुभद्रा वृंदावन से द्वारिका आये हुए थे. भगवान श्री कृष्ण की सभी पत्नियों ने एक साथ उनसे श्री कृष्ण की लीलाओ को सुनाने का निवेदन किया.

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उनकी बाते कही कोई सुन न ले अतः सुभद्रा दरवाजे के पास जाकर पहरा देने लगी, ताकि श्री कृष्ण और बलराम आये तो वे सभी को आगाह कर दे.

इसके बाद यशोदा माता ने भगवान श्री कृष्णा की लीलाओ का वर्णन करना आरम्भ कर दिया, भगवान श्री कृष्ण की लीलाओ को सुन कर वहां उपस्थित सभी रानियाँ मन्त्र-मुग्ध हो गयी. वह बेसुध होकर भगवान कृष्ण की कथाओ का आनन्द लेने लगी.

वे सभी कृष्ण लीलाओ में इतना खो गए की उन्हें ये पता ही नहीं चल पाया की कब श्री कृष्ण और बलराम वहां आ गए और खुद भी कथा सुनने लगे.ऐसा माना जाता है की अपनी लीलाओ के आनंद में भगवान श्री कृष्ण और बलराम इतना खो गए की उनके शरीर के बाल सीधे खड़े हो गए और उनकी आँखे विशाल व बड़ी हो गयी.

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