भगवान का अनोखा करिश्मा, यहां स्वयम चमत्कार दिखाकर भक्तो को कर रहे है हैरान !

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हिन्दू धर्म को आस्था का देश कहा जाता है. यहां पर हर मनुष्य की आस्था किसी न किसी रूप में किसी स्थान, वस्तु अथवा प्रतीक से जुडी होती है. यही नहीं यदि विदेश में भी हमें कोई भगवान की मूर्ति दिखाई दे जाए तो हम आस्था पूर्वक जरूर शीश झुकाते है.

भक्‍तों की आस्‍था के कई रूप देखने को मिले हैं, जिनमें कभी भागवान के दूध पीने, तो कहीं मूर्ति के पानी में तैरने जैसी घटनाएं सामने आती हैं.

भारत एक ऐसा देश है जिसके रंग-रंग में आस्था बहती है. यहां लोग पेड़-पौधे और पत्थरों में भी अपनी आस्था का आधार ढूंढ लेते हैं.

*आस्था से जुडी ऐसी ही एक घटना मध्यप्रदेश में घटित हो रही है. कहा जा रहा है यहाँ हनुमान जी की के आँखों से लागातार आंसू गिर रहे है.

इस खबर को सुनते ही यहां लगातार भक्तो को तांता लगा हुआ है. हर कोई हनुमान जी के इस अनोखी प्रतिमा को देखने के लिए यहां आ रहा है.

*मध्यप्रदेश के देवास जिले से 45 किमी दूर हाटपीपल्या गांव के नृसिंह मंदिर की प्रतिमा प्रतिवर्ष नदी में तैरती है. प्रतिवर्ष भादवा सुदी 11 (डोल ग्यारस) पर सेंधला नदी पर पूजा-अर्चना कर पूरे सम्मान के बाद प्रतिमा तैराई जाती है.

इस चमत्कार को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुटती है, परंतु आज के इस आधुनिक युग में यह बात आश्चर्यजनक लगती है.

*ब्यावरा के दिगम्बर जैन मंदिर पर भगवान पार्श्वनाथ की 400 वर्ष पुरानी प्रतिमा 16 जुलाई 2014 के दिन पूर्व खंडित हो गई थी. वही प्रतिमा 7 अगस्त 2014 को अचानक सेवकों के सामने अपने पुराने स्वरूप में दिखाई दी. इस चमत्कार से जैन धर्मावलंबियों की आस्था का ठिकाना नहीं रहा.

*पंजाब के एक गांव में एक ऐसे किशोर की कहानी सामने आई थी, जो पूंछ के साथ पैदा हुआ था. किशोर अर्शिद अली खान धर्म से मुसलमान हैं पर हिंदु धर्म में आस्था रखने वाले उसे हनुमान का अवतार मानकर उसकी पूजा करते हैं.

अर्शिद भी बिना किसी हिचकिचाहट के रूद्राक्ष और पीले वस्त्र धारण करके बैठते हैं और उन पर आस्था रखने वाले लोगों को आशीर्वाद देते हैं.

*डाकोर (गुजरात) में यह अनोखा कछुआ अत्याधिक ख्याति बंटोरी. कछुए की पीठ पर एक आकृति बनी हुई थी, जो गौर से देखने पर हिंदू धर्म के अनुसार विष्णु के रूप जैसी लगती थी. इस कछुए को आखिरी बार गोमती नदी के किनारे पर देखा गया था.

*इस साल के अक्टूबर माह में जालंधर में भी गणेश जी की मूर्ति ने दूध पिया था. कमल विहार के दादर जिम से सटे छोटे से शिव मंदिर की गणेश जी के अलावा कार्तिकेय, गौरी मां और नंदी बैल की मूर्तियां भी दूध पी रहीं थी.

दादर जिम के मालिक हनी दादर ने बताया दोपहर दो बजे किसी ने बताया कि मूर्ति दूध पी रही थी. फिर क्या, लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं.

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