इस तरह खुद जाने आखिर किस उम्र में होगा आपका भाग्योदय तथा कब होंगे आप अमीर !

हमारे हिन्दू धर्म के शास्त्र एवम ग्रन्थों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण ज्ञान छिपे हुए है जिनकी सही जानकारी होने पर व्यक्ति अपने जीवन को काफी हद तक परिवर्तित कर सकता है.

वह न केवल अपने भविष्य के बारे में जान सकता है बल्कि भविष्य में होने वाली कुछ घटाओ में भी परिवर्तन ला सकता है. हमारे प्राचीन शास्त्र एवम ग्रन्थ वास्तव में बहुत ही अमूल्य धरोहर है.

आज हम आपको हमारे प्राचीन एवम बहुमूल्य शास्त्र भृंगसंहिता में भविष्य से सम्बन्धित बतलाये गए कुछ महत्वपूर्ण विषय के सम्बन्ध में बताने जा रहे है की आखिर आप स्वयं कैसे ज्ञात कर सकते है की आपका भाग्योदय कब होगा.

कुंडली के जो बारह भाव होते है वे प्रत्येक बारह राशियों को प्रदर्शित करते है, कुंडली का प्रथम भाव अर्थात कुंडली के केन्द्र स्थान में जिस राशि का स्थान होता है वही राशि उस कुंडली का लग्न निर्धारित करती है. तथा लग्न के आधार पर ही कुण्डलिया बारह प्रकार की होती है.

आप अपने कुंडली के पहले भाव से खुद जाने की कब आपकी किस्मत चमकने वाली है.

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