यदि घर में स्थापित किये है गणेश जी तो भूल से भी न करे ये 8 चीज़, अन्यथा हो सकते गणपति आपसे रुष्ट !

देश भर में गणेश चतुर्थी की धूम है, हर जगह इस त्यौहार को लेकर एक अलग उत्साह फैला हुआ है. यह मान्यता है की भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था. यही कारण की यह दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया  जाता है.

भगवान गणेश जी का यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है जो चतुर्थी के दिन आरम्भ होता है तथा अनन्त चुतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ ही इस उत्सव का ख़ुशी ख़ुशी समापन होता है.

गणपति बप्पा बुद्धि, समृद्धि तथा सोभाग्य प्रदान करने वाले देवता है, गणेश चतुर्थी के अवसर पर भक्तो द्वारा उनकी स्थापना घरो पर की जाती है तथा उनकी पूजा अर्चना द्वारा उन्हें प्रसन्न किया जाता है.

परन्तु गणपति बप्पा की पूजा में कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बाते भी है जिन्हें उनकी पूजा के समय विशेष ध्यान रखना चाहिए, गणेश पूजा के दौरान यदि आप इन बातो का ध्यान नहीं रखते है तो आपकी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती.

आज हम आपको बताने जा रहे की गणेश पूजा के दौरान किन आठ बातो को विशेष ध्यान न रखने पर भगवान गणेश जी आपसे रुष्ट हो सकते है.

1 . गणेश भगवान की पूजा के दौरान भूल से भी उन पर तुलसी दल अर्पित ना करे तथा उन्हें तुलसी की माला न चढाये. ऐसी मान्यता है की एक बार भगवान गणेश देवी तुलसी से किसी बात को लेकर नाराज हो गए थे तथा उन्होंने देवी तुलसी को यह श्राप दिया था की मेरी पूजा के दौरान आप मेरी पूजा में समल्लित नहीं होगी.

तभी से भगवान गणेश की पूजा में तुलसी का प्रयोग नही किया जाता है. जो गणेश पूजा के दौरान तुलसी का प्रयोग करता है वह गणेश भगवान के क्रोध का पात्र बनता है.

2 . कभी भी भगवान गणेश की मूर्ति घर में विषम संख्या में नहीं होनी चाहिए अर्थात 3 , 5 , अथवा 7 आदि की संख्या में गणेश भगवान की मूर्ति घर में न हो. यदि घर में विषम संख्या में मूर्ति स्थापित हो तो वह असुभ माना जाता है अतः एक अथवा सम संख्या में ही भगवान गणेश की मूर्ति घर में होनी चाहिए.

3 . भगवान गणेश की पूजा के दौरान उनके पीठ का दर्शन न करे. पुराणों के अनुसार भगवान गणेश के पीठ में दरिद्रता का वास होता है, उनके पीठ के दर्शन करना दरिद्रता को निमन्त्रण देना माना जाता है.

4 . घर के भीतर कही भी अथवा पूजा स्थल में भगवान गणेश की खड़ी मूर्ति न रखे, भगवान गणेश की मूर्ति घर के जिस स्थल पर भी आप स्थापित करे वह पहले आसन जरूर लगाए. बगैर आसन भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करना घर में घोर संकट ला सकता है.

5 .भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना के समय ध्यान रखे की उनकी प्रतिमा बार हिले न, क्योकि प्रतिमा के बार हिलने से उसके निचे गिर कर खण्डित हो जाने का भय होता है.

तथा भगवान गणेश के खंडित प्रतिमा की पूजा शास्त्रो में वर्जित मानी गयी है. ऐसा करना परिवार में क्लेश तथा आपकी आर्थिक स्थिति को गिरा सकता है.

6 . भगवान गणेश की जिस जगह पर आपने प्रतिमा स्थापित करि है वह पितरो की फोटो न रखे. ऐसा करना घर में नकरात्मकता लेकर आता है.

7 . घर पर जहां आपने भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करि है उसकी छत पर कोई भारी समान , कोई कबाड़ आदि अथवा लोहे का समान न रखे. पूजा स्थल पर पवित्रता का विशेष ध्यान रखे तथा उस जगह पर नियमित सफाई करे.

8 . भगवान गणेश की पूजा के दौरान चमड़े से बने समान पूजा स्थल पर न लाये, चमड़े के पर्स अथवा बेल्ट भगवान गणेश की पूजा के दौरान अपने साथ न रखे.

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