यह है मंगलवार का चमत्कारी अचूक उपाय, होती है सन्तान की प्राप्ति !

putra prapti ke upay ,पुत्र प्राप्ति के टोटके,

हर कोई विवाहित दम्पति चाहता है की उसे सुयोग्य सन्तान की प्राप्ति हो. दुनिया अनेक लोग ऐसे भी है जो सिर्फ सन्तान के रूप में पुत्र की ही प्राप्ति चाहते है अतः आज हम ऐसे लोगो के लिए लाये कुछ एक ऐसा अचूक उपाय जिसे अपनाकर उन्हें पुत्र रत्न(putra prapti ke upay) की प्राप्ति हो सकती है.

मंगलवार का दिन पुत्र प्राप्ति जैसे उपायो के लिए उपयुक्त माना गया है. यह विधि बहुत ही सरल है तथा कोई भी व्यक्ति इस आसानी से कर सकता है पुराणों में इस उपाय से सम्बन्धित कथा भी दी गई है.

प्रस्तुत है पुत्र प्राप्ति से सम्बन्धित कथा एवम उपाय :-

कथा :-

एक ब्राह्मण दम्पति उनकी कोई सन्तान न हो पाने के कारण सदैव दुखी रहा करते थे. एक दिन ब्राह्मण वन में पूजा करने के लिए गया वहाँ हनुमान जी का स्मरण करते हुए पुत्र प्राप्ति की कामना करने लगा. घर पर उसकी स्त्री भी पुत्र प्राप्ति के लिए पूजा मंगलवार का व्रत किया करती थी.

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व्रत पूरा करने के पश्चात हनुमान जी को भोग लगाकर ही वह भोजन ग्रहण किया करती थी. उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी यही कारण था की एक बार जब ब्राह्मण की स्त्री ने मंगलवार का व्रत धारण किया तो वह उस दिन ना तो भोग लगा पाई व नाही स्वयं भोजन ग्रहण कर पाई.

उस दिन ब्राह्मण स्त्री ने प्रण लिया की वह अगले मंगलवार को भगवान को भोग लगाकर ही भोजन ग्रहण करेगी. अगले छः दिन तक भूखी प्यासी रहने से वह महिला बेहोस हो गयी.

हनुमान जी उसकी निष्ठा और लगन को देखकर प्रसन्न हो गए. उसे दर्शन देकर कहा कि वे उससे प्रसन्न हैं. उसे बालक देंगे, जो कि उसकी सेवा किया करेगा. हनुमान जी ने उस स्त्री को पुत्र रत्न दिया और अंतरध्यान हो गए.

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ब्राह्मणी अति प्रसन्न हो गई. उसने उस बालक का नाम मंगल रखा. जब ब्राह्मण घर आया, तो बालक को देख पूछा कि वह कौन है? पत्नी ने सारी कथा अपने स्वामी को बताई. पत्नी की बातों को छल पूर्ण जान ब्राह्मण को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह हुआ.

एक दिन मौका देख ब्राह्मण ने बालक को कुंए में गिरा दिया. घर पर पत्नी के पूछने पर ब्राह्मण घबराया. पीछे से मंगल मुस्कुराता हुआ आ गया . ब्राह्मण आश्चर्यचकित रह गया.

रात को हनुमानजी ने उसे सपने में सारी कथा बताई, तो ब्राह्मण प्रसन्न हुआ. फ़िर वह दम्पति मंगल का व्रत रखकर आनंद का जीवन व्यतीत करने लगे. तब से यह व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए रखा जाता है.

उपाय :-

इस उपाय में उस महिला को एक व्रत रखना होगा जो पुत्र रत्न प्राप्ति की इच्छा रखित हो. यह व्रत ठीक शुक्ल पक्ष की प्रथम मंगलवार को ही आरम्भ होना चाहिए तथा इस व्रत को आठ मंगलवार अवश्य करे.

इस व्रत में भूल से भी गुड़ एवम गेहू से बने भोजन को ग्रहण नहीं करना चाहिए तथा पुरे दिन में सिर्फ एक बार ही भोजन ग्रहण करे. तथा पूजा के दौरान हुनमान जी पर लाल पुष्प चढाये तथा उस दिन केवल लाल रंग का ही वस्त्र धारण करे.

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हनुमान जी की पूजा के दौरान इस मन्त्र का आठ मंगलवार तक प्रतिदिन 11 माला जाप करना चाहिए.

‘हन हनुमंते रुद्रात्मकाय हुम्फट”

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