दिवाली पूजा विधि तथा पूजन का शुभ मुहूर्त !

diwali poojan vidhi in hindi, diwali poojan vidhi, diwali poojan vidhi in hindi, diwali puja vidhi, lakshmi puja mantra, dipawali ki puja vidhi, diwali pooja vidhi, diwali pooja vidhi in hindi, diwali laxmi puja vidhi, दीपावली पूजन की विधि, दिवाली पूजा विधि, diwali 2016, दिवाली पूजा विधि इन हिंदी

diwali poojan vidhi, diwali poojan vidhi in hindi, diwali puja vidhi, lakshmi puja mantra, dipawali ki puja vidhi, diwali pooja vidhi, diwali pooja vidhi in hindi, diwali laxmi puja vidhi, दीपावली पूजन की विधि, दिवाली पूजा विधि, diwali 2016, दिवाली पूजा विधि इन हिंदी

diwali poojan vidhi दिवाली पूजन विधि 

दीपावली का पावन त्यौहार इस बार 30 अक्टूबर को मानाया जाएगा. यह हम हिन्दुओ के मुख्य त्योहारो में से एक है तथा ऐसी मान्यता है की इसी दिन भगवान श्री राम अहंकारी रावण का वध कर देवी सीता एवम अनुज लक्ष्मण के साथ वापस अयोध्या लोटे थे.

उनके अयोध्या आगमन पर अयोध्या वासियो ने खुसी से अपने अपने घरो में दीपक जलाये थे तथा हर तरफ खुसिया ही खुसिया थी. उसी दिन के उपलक्ष्य में आज भी हम दीपो का त्यौहार यानी दीपावली मनाते है. दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा के विशेष महत्व माना जाता है.

दिवाली पूजा विधि diwali puja vidhi

स्कन्द पुराण के अनुसार कार्तिक अमावस्या के दिन प्रातः काल स्नान आदि से निर्वित होकर सभी देवो का ध्यान कर उनकी पूजा करनी चाहिए. यदि सम्भव हो सके तो दिन का भोजन नहीं करना चाहिए.

शाम के समय भगवान गणेश एवम लक्ष्मी की नयी प्रतिमा पूजा घर में रखे. एक चौकी लेकर उसमे स्वस्तिक का निशान बनाये तथा उसके ऊपर थोड़ा चावल छिड़कर भगवान गणेश एवम देवी लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करे.

ये भी पढ़े... मंगलवार को करें ये काम, बजरंग बली लगाएंगे बेड़ा पार !

भगवान के मूर्तियों के समीप ही एक जल से भरा लोटा रखे तथा उसमे थोड़ा सा गंगा जल मिला ले. इसके पश्चात शुद्धि मन्त्र का उच्चारण करने के साथ उस जल को पहले भगवान की प्रतिमाओ में छिड़के फिर परिवार के सदस्यो एवम घर में जल छिड़ कर शुद्धिकरण करे.

पूजा के सामग्री गुड़, चन्दन, खिल, बताशे, मिठाई, पंचामृत, दुर्ग, फल, फूल, चौकी, गंगा जल आदि के साथ पुरे विधि विधान से भगवान की पूजा करनी चाहिए तथा साथ देवी सरस्वती, भगवान् विष्णु एवम कुबेर देव का भी विधि विधान से पूजा सम्पन्न करे.

11 दीपक पूजा के दौरान जलाये जिनमे 10 छोटे दीपक तथा एक बड़ा दीपक होना चाहिए. बड़ा दीपक पूजा घर में ही दीप्यमान रहने थे तथा 10 दीपको को अपने दरवाजे के चोखट एवम गेट में लगा दे.

महालक्ष्मी पूजा का मुहूर्त :-

दीपावली के दिन प्रदोष काल का मुहूर्त देवी लक्ष्मी के पूजन के लिए बहुत ही शुभ माना गया है. इस काल में देवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना द्वारा उन्हें शीघ्र प्रसन्न किया जाता है तथा माता की कृपा उनके भक्तो पर शीघ्र बरसती है.

इस दौरान की गई पूजा घर में सुख सम्पति एवम धन दौलत लेकर आती है.

इस बार का शुभ मुहूर्त देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए शाम के 6 : 27 से रात के 8 : 09 तक है. महानिशा काल मुहूर्त का समय 11 : 38 से 12 : 30 तक का है.

महालक्ष्मी मन्त्र :-

पूजा के दौरान महालक्ष्मी के इस मन्त्र का नित्य उच्चारण अवश्य करे.

ये भी पढ़े... घर के मंदिर में कभी भी ना करें ये गलतिया !

ॐ श्रीं हीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *