जब माता चंडी को राम पर आया क्रोध, आखिर कैसे बचाया श्री राम ने अपने आपको माता के क्रोध से !

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माता चंडी वैसे तो बहुत दयालु है ( dussehra ) तथा यदि वे अपने भक्त पर प्रसन्न हो गई तो उसके सारे दुखो को दूर कर देती है परन्तु वही यदि माता को किसी पर क्रोध आ जाए तो उसका सर्वनाश होना भी निश्चित है.

माता चंडी का क्रोध बहुत ही भयानक होता है, ( dussehra ) तीनो लोक उनके क्रोध से भय खाता है. अतः यदि आपने माता चंडी से कोई अपनी मन्नत मांगने के लिए वादा किया था तो उसे अवश्य पूरा कर ले तभी माता के दर्शन आपको हो सकते है.

आज हम आपको माता चंडी के क्रोध से ही सम्बन्धित एक बहुत ही रोचक कथा बताने जा रहे है की आखिर भगवान राम से कौन सी ऐसी गलती हो गई जिससे देवी चंडी उनसे क्रोधित हो गई व कैसे प्रभु श्री राम उनके क्रोध से बच पाए.

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यह बात भगवान श्री राम एवम रावण के युद्ध ( dussehra ) से पहले की है, भगवान श्री राम ने ब्रह्म देव को याद किया तथा रावण पर विजयी प्राप्त करने के लिए उनकी सहायता मांगी.

तब ब्रह्म देव ने श्री राम को नीलकमल के पुष्प देते हुए कहा की यह माता चंडी को बहुत पसन्द है अतः तुम माता चंडी की पूजा कर इन पुष्पो के द्वारा उन्हें प्रसन्न करो. माता चंडी के आशीर्वाद से निश्चित ही तुम्हे रावण पर विजयी हासिल होगी.

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रावण के आतंक एवम पाप को समाप्त करने के लिए भगवान श्री राम ने माता चंडी की पूजा आरम्भ करि. उधर रावण के गुप्तचरों द्वारा जब उसे यह बात पता लगी भगवान श्री राम उसके वध के लिए माता चंडी की पूजा कर रहे है .

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