माँ कुष्मांडा की सरल पूजा विधि maa kushmanda puja vidhi

maa kushmanda mantra in hindi, maa kushmanda wallpaper, maa kushmanda mantra, maa kushmanda aarti in hindi, maa kushmanda katha, maa kushmanda hd wallpaper, maa kushmanda katha in hindi, कुष्मांडा देवी मंत्र, कूष्माण्डा देवी, माँ कुष्मांडा मंत्र

maa kushmanda mantra in hindi, maa kushmanda wallpaper, maa kushmanda mantra, maa kushmanda aarti in hindi, maa kushmanda katha, maa kushmanda hd wallpaper, maa kushmanda katha in hindi, कुष्मांडा देवी मंत्र, कूष्माण्डा देवी, माँ कुष्मांडा मंत्र

माता कुष्मांडा की पूजा विधि तथा व्रत कथा mata kushmanda ki puja vidhi vrat katha

नवरात्र के चौथे दिन मां पारांबरा भगवती दुर्गा के कुष्मांडा स्वरुप की पूजा की जाती है। मान्‍यता ये है कि जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब कुष्माण्डा देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी।

अपनी मंद-मंद मुस्कान भर से ब्रम्हांड की उत्पत्ति करने के कारण ही इन्हें कुष्माण्डा के नाम से जाना जाता है इसलिए ये सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं।

ये भी पढ़े... मंगलवार को करें ये काम, बजरंग बली लगाएंगे बेड़ा पार !

देवी कुष्मांडा का निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है जहां निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा सूर्य के समान ही अलौकिक हैं।

माता के तेज और प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित होती हैं ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में मौजूद तेज मां कुष्मांडा की छाया है।

मां कुष्‍माण्‍डा की आठ भुजाएं हैं। इसलिए मां कुष्मांडा को अष्टभुजा देवी के नाम से भी जाना जाता हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है।

आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। मां सिंह के वाहन पर सवार रहती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *