what are the importance of ekadashi and lord krishana?

what to eat & what to not eat on different types of ekadashi festival?

ekadashi stories and fasting,

What is ekadashi or How many ekadashi in a month ?

एकादशी एक संस्कृत का शब्द हैं जो संस्कृत में 11 के लिए उपयोग होता हैं.

ekadasi dates कब आती हैं ? हर महीने  का 11वा दिन वैदिक लूनर केलिन्डर के अनुसार.जबकि हर महीने 2 एकादशी होती हैं. पहली एकादशी महीन की शुरवात में  होती हैं. जब चाँद अपने पूर्ण आकर की ओर अग्रसर होता हैं.इसलिए इसे पूर्णिमा का चाँद भी कहते हैं और दूसरी एकादशी इसके विपरीत जब चाँद अमावस्या के चाँद की ओर अग्रसर होता हैं.जिसकी वजह से इसे अमावस्या का चाँद भी कहते हैं.

what is the ekadshi story or what was the story behind the ekadshi ?

ekadasi stories,

ज्यादातर लोग ऐसा मानते हैं की एकादशी एक देवता का नाम हैं.जो भगवन विष्णु में से प्रकट हुआ था.और जिसका एक ही मकसद था.डेमों मुरा को हराना.उनके दिव्य कार्य से प्रसन हों कर. भगवन विष्णु ने उनसे कहा जो भी आज के दिन एकादशी का व्रत करेगा. उसे इसके फलस्वरूप हर पाप से मुक्ति मिल जायगी और मोक्ष की प्राप्ति भी होगी.

how  many types of ekadashi in a year ? or list of ekadshi ?

list of ekadashi.

एक साल में 24 तरह की अलग-अलग एकादशी होती हैं.

1.( Putrada Ekadasi): पुत्रदा एकादसी

2. (Shatilla Ekadasi): शातिल्ला एकादसी

3. (Jaya Ekadasi):जाया एकादसी

4. (Vijaya Ekadasi):विजय एकादसी

5. (Amalki Ekadasi):आमलकी एकादसी

6. (Papamochini Ekadasi):पापमोचिन एकादसी

7. (Kamda Ekadasi):कामदा एकादसी

8. (Varuthini Ekadasi):वरूथिनी एकादशी

9. (Mohini Ekadasi):मोहिनी एकादशी

10. (Apara Ekadasi):अपर एकादशी

11.( Nirjala Ekadasi):निर्जला एकादसी

12. (Yogini Ekadasi):योगिनी एकादसी

13. (Devshayani Ekadasi):देवशयानी एकादसी

14. (Kamika Ekadasi):कामिका एकादसी

15. (Aja Ekadasi): .अज एकादसी

16.(Parivartan Ekadasi):परिवर्तन एकादसी

17.( Indira Ekadasi):इंदिरा एकादसी

18. (Pasankusa Ekadasi):पसंकुसा एकादसी

19. (Rama Ekadasi): .रमा एकादसी

20.(Prabhodini Ekadasi): प्रभोदिनी एकादसी

21. (Utpanna Ekadasi): उत्पन्न एकादसी

22. (Mokshada Ekadasi): मोक्षदा एकादसी

23. (Saphala Ekadasi):सफल एकादसी

24. (Haribobhini (Devotthani) Ekadasi) हरिबोभिनी एकादसी

how to observe ekadashi fast? OR what are the ekadasi fasting rules?

एकादशी के दिन सूरज उगने से लेकर सूरज छिपने तक भोजन ग्रहण नहीं किया जाता. इसके साथ – साथ व्रत के दिन पानी भी पीना मना हैं!

लेकिन कई बार अनिवार्य परिस्थिति के कारण व्रत रखना मुकिन नहीं हों पता हैं.इसलिए ऐसी दशा में आप एकादशी से पहले वाले दिन या फिर अगले दिन ekadasi fast रख सकते हैं.हालांकि की ऐसी अवस्था में व्रत रखने की आवश्यकता नहीं होती.

केवल उन्ही व्यक्ति को ये व्रत रखना चाहिए. जो स्वास्थ हों और पथरी के रोग वाले लोग को ये व्रत कदापि नहीं करना चाहिए.

अगर बीमार व्यक्ति फिर भी करना चाहता हैं तो व्रत में काफी सारे पानी के साथ निम्बू पानी पीना चाहिए .और कमजोर व्यक्ति कुछ फल भी खा सकते हैं.इसके साथ -साथ थोड़ा दूध भी ले सकते हैं.

 

what to eat on ekadasi and what to not ?

what to eat on ekadashi,

सबसे पहले जानते हैं की एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए .इस दिन चावल खाने से बचना चाहिए.और उबाली हुई सब्जी भी नहीं खानी चाहिए.इसके अलावा आनाज और मासहारी खाना भी नहीं खाना चाहिए.

अब जानते हैं एकादशी के दिन क्या खाना चाहिए?  or list of  ekadasi foods allowed

what to eat on ekadashi,

सभी फल (ताजा और सूखे)
ड्राई फ्रूट्स
ड्राई फ्रूट से बने तेल – नारियल, जैतून आदि।
आलू
मीठे आलू
कद्दू
खीरा
मूली
स्क्वाश
नींबू
एवोकाडो
जैतून
नारियलचीनी
काली मिर्च
ताजा नमक
और ताज़ी हल्दी

what is the importance of ekadashi ? and is ekadashi an auspicious day?

एकादशी एक बहुत शुभ दिन हैं.क्रिशन भगवान् के लिए अपनी भक्ति और श्रधा प्रकट करने के लिए.भगवान् कृष्ण ने इस दिन अपने रूप को एकादसी देवी के रूप में परिवर्तित कर लिया था.डेमों मुरा का वध करने के लिए. इसलिए भगवान् कृष्ण को मुरारी भी कहा गया हैं.

इस दिन क्रिशन भगवान् के भक्त अपने प्रभु के लिए व्रत रखते है.और अनाज का भी इस दिन त्याग करते हैं   क्योंकी चैतन्य महाप्रभु जो भगवान् कृष्ण से जादा अलग नहीं हैं.उन्होंने अपनी माँ सच्ची देवी से कहा की इस दिन  अनाज का त्याग  करके वर्त रखे.क्योंकी इस दिन दुनिया का हर पापा अनाज में अपने रहने का स्थान बना लेते हैं.इसलिए भगवान् के भक्त इस दिन अनाज का त्याग करते हैं.

 what is the ekadashi reason? मुख्य रूप से वर्त का मकसद होता हैं.की शरीर की मांग को कम करना .और उस समय को बचा कर .भगवान् कृष्ण की सेवा में लगाना.

what to do on ekadashi day or how to celebrated this day ?

अगर आपको अब तक भगवन कृष्ण और उनके मंदिर का दर्शन करने का मोका नहीं मिला हैं. तो ये बहुत शुभ दिन उनके भव्य  रूप के दर्शन करना का.

हम इस दिन अपने प्रभु के लिए कीर्तन,भजन,ekadashi vrat katha,और जप कर सकते हैं.

what is ekadashi fast breaking time?/ एकादशी व्रत का नियम क्या कहता हैं ?

बुनियादी नियम कहता हैं की, एकादशी के दिन सूरज उगने से लेकर सूरज छिपने तक भोजन ग्रहण नहीं किया जाता है.लेकिन सूरज उगने और छिपने का समय तो प्रतिदिन अलग-अलग होता हैं.इसके बारे में समझने के लिए नीचे पढ़े.

जैसा की आप सब जानते होंगे.एकादशी के दिन विष्णु भगवान् के भक्त और विशेष रूप से वैष्णव समाज के लोग एकादशी का व्रत रखते हैं.यह उपवास एकादशी के दिन सूरज उगने से लेकर,अगले दिन के सूरज उगने तक रखा जाता हैं.और व्रत “परना समय” में भोजन करके खोलना चाहिए.

परना करने के लिए कुछ विशेष नियम होते हैं.इसलिए हर किसी को व्रत सिर्फ परना के समय ही करना चाहिए.

वैष्णव समाज में ये नियम कुछ अलग होते हैं.क्योंकी परना का समय अलग-अलग होता हैं.साथ ही साथ एकादशी की तिथि भी कई बार अलग-अलग होती हैं.

यह जरूरी होता हैं.की एकादशी का व्रत परना समय में द्वादशी तिथि के पूरा होने से पहले ही खोला जाये.उपवास परना समय में न खोलना एक अपराध की तरह ही हैं.

परना हरी वासरा के वक्त नहीं करना चाहिए.कभी-2 परना तिथि सूर्ये उदय होते ही ख़तम हों जाता हैं .ऐसे में परना समय का वक्त बहुत कम मिलता हैं.

एक बात और आपको मध्याह्न के समय भी उपवास खोलने से बचना चाहिए.अगर कोई प्रातःकाल के समय कोई व्रत ना खोल पाए तो मध्याह्न के समय खोले.

Important things to remember : ekadashi ke din kyun nahi khaane chahiye chawal?

 


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