What is Purnima?

What is Purnima? ,

Purnima meaning in hindi / What is the new moon?

पूर्णिमा एक भारतीय और नेपाली शब्द हैं. जिसका अर्थ पूर्ण चंद्र हैं. इस दिन चाँद (मून) अपने पूरे आकर में होता हैं !

Purnima kab hain?

purnima hindu calender 2017 के अनुसार पूर्णिमा का दिन हर महीने में एक ही बार आता हैं. जो 2 पक्षा (मंथ )को बाटता हैं. पक्षा भी २ प्रकार के होते हैं. shukla पक्षा और कृष्णा पक्षा ,पूर्णिमा से पहले वाले दिन शुक्ल पक्षा कहलाते हैं तथा बाद के दिन कृष्णा पक्षा कहते हैं!

 

पूर्णिमा का महत्व /purnima may 2017 benefits / purnima upvas

हिन्दू पंचांग में, हर पूर्णिमा महीने  पर एक महत्वपूर्ण त्योहार महीने से जुड़ा है. इसलिए एक वर्ष के 12 महीनों में बारह  पूर्णिमा विशेष अवसरों और त्यौहारों को चिह्नित करता है।
पूर्णिमा के अवसर  पर, आकाश में पूर्णिमा की चमक अंधेरे को हटाने और प्रभा का प्रतीक है. इसलिए यह प्रतीकात्मक     रोशनी का प्रतिनिधित्व करता है.
यह परिपूर्णता, बहुतायत और समृद्धि का प्रतीक भी  है.
पूर्णिमा के दिन  पर कि पूजा पर्यवेक्षकों के महान गुण प्रदान करने के लिए कहा जाता है। इसलिए सत्यनारायण पूजा     जैसी खास पूजा इस दिवस के अवसर पर आयोजित की जाती हैं।
कई देवताओं ने बुद्ध की तरह पूर्णिमा के दिन पर जन्म लिया हैं जैसे मण्या और दत्तात्रेय ने ।

भगवान विष्णु के पहले अवतार अर्थात् मत्स्यावतार इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे ।

विज्ञान के कारण हमे पता चलता हैं. कि पूर्णिमा के दिन, पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल अपनी अधिकतम  सीमा पर होता हैं।

what is purnima?

इसका मनुष्ये पर बेहद सकरात्मक प्रभाव पड़ता हैं.

इस दिन मनुष्य के मेटाबॉलिशम का संतुलन अदभुत होता हैं .

शारीरिक समता और मन का संतुलन भी अच्छा हों जाता हैं .

गैस्ट्रिक समस्याओं में विभिन्न चयापचय की प्रक्रिया को स्थिरता प्रदान करता हैं .

उर्जा में  विकास भी होता हैं 

और शरीर और मस्तिष्क का अध्बुद्ध संतुलन होता हैं .

Purnima fast rules को फॉलो करते हुए Purnima vrat kaise kare? / purnima vrat vidhi

what is purnima?

पूर्णिमा के दिन, भक्त सुबह जल्दी उठते है और सूर्योदय से पहले एक पवित्र नदी में पवित्र स्नान लेता है।

आप अपने हित के अनुसार, भगवान शिव या विष्णु पूजा कर सकते हैं. पूर्णिमा पूजा के लिए कोई विशेष प्रक्रिया नहीं है. पूर्णिमा घरों में सत्यनारायण पूजा करने के लिए एकदम सही दिन है।

इस दिन कुछ भी खाये बिना पूरे दिन उपवास रखना एक सही विकल्प है.

एक भोजन की अनुमति भी होती है, अगर भक्त को पसंद हों तो। हालांकि, यह भोजन नमक, अनाज या दालों से मुक्त होना चाहिए।

उपवास सूर्योदय के समय  शुरू होता है .और चंद्रमा के देखा कर समाप्त होता है.

शाम में भक्त को पूर्णिमा के दर्शन करने होते है.

तथा चंद्रमा ईश्वर के प्रति  अपनी प्रार्थना और पूजा प्रदान करनी चाहिए. इस के बाद, प्रसाद सेवन किया जा सकता है.

उपवास पूर्णिमा के लाभ

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उपवास एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है. विशेष रूप से पूर्णिमा पर उपवास से शरीर और मन पर कई सकारात्मक असर  हो सकते हैं.

पूर्णिमा उपवास के कुछ दूरगामी लाभ भी हैं जैसे:-

-शरीर में एसिड की मात्रा को नियंत्रित होती हैं.

-धीरज शक्ति बढ़ाना और पाचन तंत्र सफाई होती हैं.

उपवास के माध्यम से, मन और शरीर को एक अवसर के रूप में आराम करने का मौका मिलता है।

संयुक्त पूजा और प्रार्थना दिन में साथ किया जाते हैं.

purnima upvas शरीर को ताज़ा और रिचार्ज करता हैं वा समृद्धि और खुशी से भर देता हैं ।

प्रत्येक पूर्णिमा का महत्व/paush purnima significance/paush purnima importance in hindi

पौष पूर्णिमा (पौष पूर्णिमा): शाकम्बरी जयंती या shakambari purnima 2017  इस दिन पर मनाई जाती है। शाकम्बरी देवी, जो देवता दुर्गा का अवतार है, इस दिन उनको पूजा जाता है.

जैन लोग पुष्याभिषेक यात्रा (पुष्यभिषेक यात्रा) के रूप में इसे मनाते हैं.

गंगा और यमुना के पवित्र जल में स्नान लेना इस दिन शुभ माना जाता है.

भक्तों का मानना ​​है कि इस दिन पवित्र नदी गंगा और यमुना में स्नान करने से पुनर्जन्म चक्र से आत्मा को मुक्त कर देते है।

वा स्नान के पश्चात भक्त एक दुसरे को happy paush purnima  भी कह कर पौष पूर्णिमा की मुबारकबाद देते हैं.

माघ पूर्णिमा का महत्व/माघ मास का महत्व

माघ पूर्णिमा 2017 (माघ महीना): माघ पूर्णिमा  देशभर में एक ‘स्नान त्योहार’ और गंगा में स्नान करने की तरह मनाया जाता है.

बौद्ध धर्म में, इस दिन का विशेष महत्व है। यह माना जाता है गौतम बुद्ध ने उनकी आसन्न मृत्यु इस दिवस के अवसर पर घोषणा की.

इस दिन  रविदास जयंती और भैरव जयंती के रूप में भी मनाई जाती  है.

Phalgun purnima importance / phalgun month significance

फाल्गुन पूर्णिमा (फाल्गुन पूर्णिमा): फाल्गुन महिना फाल्गुन पूर्णिमा के दिन या इस साल falgun purnima 2017 के दिन मनाया गया था.

इस दिन रंगीन होली उत्सव और holika dahan 2017 भी देवी लक्ष्मी की उपस्थिति में मनाया जाता है.

Chaitra purnima importance / chaitra purnima date 2017

चैत्र पूर्णिमा (चैत्र पूर्णिमा): चैत्र पूर्णिमा  हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार प्रथम वर्ष में होती है.

इस दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है.

भारत के कुछ भागों में, लोगों भगवान चित्रा गुप्ता , जो प्रभु यम का एक मुंशी था उसकी पूजा  भी करते हैं.

Vaishakh month importance

वैशाख पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा): vaishakh month 2017 calendar ke anusaar वैशाख पूर्णिंमा  “बुद्ध पूर्णिमा “के रूप में भी जाना जाता है.

यह वीं जयंती, प्रबुद्धता और गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण (पुण्य तिथि) को मनाने के लिए बुद्ध पूर्णिमा के रूप में  भी मनाया जाता है.

Jyestha purnima 2017

jyeshta month 2017 (ज्येष्ठ पूर्णिमा): ज्येष्ठा सबसे लोकप्रिय पूर्णिमा हैं जिसे वैट पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है.

इस विशेष दिन पर, वटसावित्री व्रत अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य और एक ख़ुशी-ख़ुशी शादी जीवन जीने के लिए विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है.

यह विशेष रूप से जगन्नाथ पुरी मंदिर में, जगन्नाथ पूर्णिमा , स्नान पूर्णिमा और उड़ीसा में देवस्नान के रूप में मनाया जाता है.

गुरु पूर्णिमा का महत्व

आषाढ़ पूर्णिमा (आषाढ़ पूर्णिमागुरु पूर्णिमा 2017): यह पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा नामसे भी जानी जाती हैं .

यह दिन महान महर्षि ऋषि वेद व्यास की स्मृति के रूप में अधिक लोकप्रिय है.

गुरु पूर्णिमा आध्यात्मिक और शैक्षिक शिक्षकों को भी समर्पित है.

Shravan purnima importance

श्रावण पूर्णिमा (श्रावण पूर्णिमा): यह पूर्णिमा बहुत शुभ और हिन्दू धर्म में पवित्र मानी जाती है।

यह महिना  हिन्दू पंचांग के रूप में मनाया जाने वाला एक पवित्र महीने में से एक है।

श्रावण पूर्णिमा नारली पूर्णिमा, हयग्रीव जयंती के रूप में भी जाना जाता हैं. और shravan purnima raksha bandhan के  त्योहार के रूप में  भी मनाई  जाती हैं !

Bhadrapada purnima importance / bhadrapada purnima significance

भादप्रद पूर्णिमा (bhadrapada purnima 2017): तमिल कैलेंडर में,  ये महिना भाद्रपद पुर्ततासी के रूप में भी जाना जाता है।

यह दिन  सबसे अच्छा दिन महा मृत्युंजय हवं के रूप में भी मनाया जाता हैं .

इस दिन के  अगले दिन पितृ पक्ष श्रद्धा प्रदर्शन करने के लिए शुभ माना जाता है।

Ashwin purnima significance / importance of ashwin purnima

अश्विन पूर्णिमा (ashwin purnima 2017): यह शरद पूर्णिमा, कोजागिरी पूर्णिमा या कौमुदी (अर्थ चांदनी) के नामों से लोकप्रिय है।

यह मानसून की समाप्ति का भी सूचक हैं ।

यह माना जाता है इस दिन देवी लक्ष्मी हर स्थान -स्थान जा कर रात में कोजागरी पूछती हैं .(जिसका अर्थ है “कौन जाग रही है”) और जो जाएगा पाए जाते हैं. उन्हें देवी लक्ष्मी जी का आशीर्वाद मिलता हैं ।

Kartik purnima benefits /kartik purnima importance

what is purnima?

कार्तिक पूर्णिमा (Kartic purnima 2017): इस दिन  त्रिपुरी पूर्णिमा देवा के रूप में जाना जाता हैं . इस पूर्णिमा को इसके अलावा अन्य नामों से जाना जाता है।

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन सर्वशक्तिमान शिव द्वारा दानव त्रिपुरा की हार चिह्नित हुई थी।

भगवान कार्तिकेय की मुख्य रूप से इस दिवस के अवसर पर भगवान शिव और भगवान विष्णु के साथ पूजा की जाती हैं .

सिख धर्म में, श्री गुरु नानक देव जी का जन्मदिन भी इस दिन मनाया जाता है।

जैन धर्म में, यह पुष्कर मेला के दिन के रूप में मनाया जाता है.

Margashirsha importance / margashirsha purnima in hindi

मार्गशीर्ष पूर्णिमा (margashirsha purnima 2017): यह पूर्णिमा को बत्तीसी भी कहा जाता है।

मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पर दूसरों के कल्याण के लिए नि:स्वार्थ काम कर रहे लोग को 32 गुना अधिक आशीर्वाद मिलता हैं किसी दूसरे अन्य दिन की तुलना में !

यही कारण है कि,श्री दत्तात्रेय जयंती के रूप में भी ये दिन मनाया जाता है।

अंत में हम कामना करते हैं. आपका पोर्णिमा का उपवास सफल हों और आप को what is purnima का उत्तर जरुर प्राप्त हुआ होगा,धन्यवाद!

 

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