real & exact amavasya meaning in hindi with its after effects on human

What is the meaning of dark moon or amavasya in hindi?,

What is the meaning of dark moon or amavasya meaning in hindi ?

संस्कृत भाषा में अमा का अर्थ होता हैं “साथ में” और वस्य का अर्थ होता हैं “बस जाना” या “साथ रहना”.

hindu lunar calender या पुर्णिमांत मन भारत के हर भाग में इस्तमाल होता हैं! लूनर महीना पूर्णिमा के बाद शरू होता हैं इसलिए हमेशा amavasya महीने के बीच पड़ती हैं.

विज्ञान के अनुसार और meaning of amavasya in english में इसे dark moon भी कहते हैं.जो ऐसी स्थिति को कहते हैं. जब मून आकाश में रात के समय नजर नहीं आता. क्योकि वह उस समय सूरज के पीछे होता हैं. जिस कारण-वर्ष हम मून को नहीं देख पाते.

 

what to do on amavasya day or how  to do amavaya pooja at home?

how to do amavaya pooja at home?,

हिन्दू धर्म के लोग amavasya के दिन व्रत रखते  हैं.

कुछ लोग दिन में एक ही बार खाना खाते हैं. भक्तो द्वारा ये कहा जाता हैं. की जो अमावस्या का व्रत रखता हैं उसका या उसकी हर इच्छा पूरी होगी .

व्रत के बाद भक्त नदी में डुबकी लगाते हैं. और बाद में भगवान् शिव की पूजा करते हैं .

दिवाली पूजा की तरह लोग इस दिन घर के आस-पास दिया जगाते हैं. और यह माना जाता हैं. दियो के प्रकाश से बुरी शक्तियों का सर्वनाश होगा जिससे वह घर के आस-पास भी नहीं भटकेगी.

जो लोग इसे शुभ मानते हैं. वो इस दिन अपना घर और घर के दिया साफ़ कर के उसे रंगो से सजाते हैं. और रोशन करते हैं. कुछ भगवान् की रंगगोली भी बनाते हैं .

इस दिन दीप पूजा भी की जाती हैं .वो दीप पूजा भगवान् इष्ट देवता और पंचा महा भूतस को समर्पित होती हैं. कुछ स्थानों में दीप पूजा माता लक्ष्मी ,माता पारवती या माता सरस्वती को समर्पित की जाती हैं.

दिवाली की अमावस्या सबसे बुरी और खतरनाक अमावस्या मानी जाती हैं. इसलिए इस दिन भगवानो की पूजा की जाती हैं. और दीपक जगा कर रौशनी की जाती हैं.

देश के कई भागो में इस दिन काली माता की पूजा भी जाती. क्योकि काली माता को बुराई का सर्वनाश करने वाली माता कहा गया हैं. आशा हैं ऊपर लिखी बातो से आपको अपने amavasya ke din kya karna chahiye? इस सवाल का उत्तर मिल गया होगा.

Why Amavasya is bad or why people called it bad day?

why Amavasya is bad?,

लोग मानते हैं की अमावस्या  एक शुभ दिन नहीं हैं. क्योकि काली शक्तिया या फिर आसान भाषा में कहे तो black magic इस दिन ज्यादा ताकतवर होता हैं.

ऐसा माना जाता हैं. की जादू-टोना ज्यादातर अमावस्या की रात को ही किया जाता हैं. क्योंकी बुरी आत्मा इस दिन आजाद होती हैं. और बुरी आत्मा अपनी ताकत में बढोतरी के लिए किसी न किसी जिव की बली देती हैं.

दिवाली की अमावस्या  सबसे बुरी और खतरनाक अमावस्या मानी जाती हैं. इसलिए इस दिन भगवानो की पूजा की जाती हैं. और दीपक जगा कर रौशनी की जाती हैं. तथा आप ने ये भी बड़े- लोगो से सुना होगा की दिवाली की रात को घर से भर अकेले नहीं जाना चाहिए.

लेकिन फिर भी  लोग why Amavasya is bad  ऐसा क्यों पूछते हैं. इसका उत्तर तो आपको काफी सीमा तक प्राप्त हों ही गया होगा .

 

What is the meaning of Mahalaya Amavasya?

What is the meaning of Mahalaya Amavasya?,

बहुत लोगो इस दिन अपने पूर्वजो की आत्मा के लिए पूजा करते हैं. और व्रत रखते हैं. नवरात्रे के 15 दिन पहले अमावस्या होती हैं. जिसे Mahalaya amavasya कहते हैं.

यह वह दिन हैं. जिसे पित्री पक्षा भी कहते हैं.और ये बहुत शुभ समय माना जाता हैं.पित्रों की आत्मा की शान्ति के लिए  उन्हें इस दिन भोजन भी उन्हें अर्पित किया जाता हैं.

भगवान् विष्णु जी ने कहा हैं. इस दिन आपके पित्र धरती पर आते हैं. और अगर उन्हें घर आने पर उनकी पूजा और भोजन न मिले तो वह नाराज हों जाते हैं .

इस दिन से जुडी एक बहुत लोकप्रिय कहानी महाभारत में भी मिलती हैं. कर्ण को उसकी मृत्यु के पश्चात खाना खाने को नहीं मिला .                                                                                                                                           कर्ण जब जीवित था तब वह बहुत दान करता था. और दुनिआ को अनेको आभूषण और सोना देता था. पर खाना कभी दान नहीं किया. लेकिन उसे मृत्यु के पश्चात खाने को नहीं मिला.

जब भगवान् विष्णु ने उसकी ये दशा देखि तो उन्होंने कर्ण को सुझाव दिया. की धरती पर जाये और गरीबो को खाना खिलाये .

फिर कर्ण धरती पर गया और पितृ पक्ष के दिन गरीबो को खाना खिलाया. इसका फल ये हुआ की कर्ण को मृत्यु के पश्चात खाना मिल गया.

इसलिए तभी बहुत लोग इस दिन गरीबो को खाना खिलाते हैं. ताकि उनके पित्रों (फोरफादर्स)को भोजन मिल जाये .
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Amavasya do’s and don’ts / Amavasya ke din kya na kare?

इस दिन मांस भोजन के रूप में गलती से भी न पकाये,खाये और चढ़ाये .

Amavasya के  दिन पूजा के दोरान भी कुछ नहीं खाना चाहिए.

पूजा में कोई भी स्टील ,प्लास्टिक  या कांच का बर्तन इस्तमाल न करे.

आमवास्ये की पूजा में मिट्टी के बर्तन या पत्तियों को ही केवल इस्तमाल करे  .

पूजा में घंटी का उपयोग भूल कर भी न करे .

जो व्यक्ति पूजा कर रहा हों. उसे कोई भी बाधा नहीं होनी चाहिए. वा बड़ो का आदर करना चाहिए. तो ये थे Amavasya do’s and don’ts अब जानते हैं. आमवास्ये के बुरे प्रभाव मनुष्य के शरीर पर .

 

Amavasya bad effects of amavasya on human body / Signs of Pitri Dosha

हमारे शरीर में पर्याप्त पानी है. और मस्तिष्क भी एक प्रकार से पानी में ही तेहर रहा हैं. जिसको amavasya effects on mind से गुजरना पड़ता हैं .

आपने new moon का समुद्र पर क्या पभाव होता हैं. ये तो अपनी विज्ञानं की पुस्तक में कभी -ना -कभी पढ़ा होगा.उसी प्रकार new moon अपनी चुंबकीय शक्ति द्वारा शरीर के आंतरिक पानी और मस्तिष्क को प्रभावित करता हैं .

आम तौर पर कमजोर व्यक्तियों या लंबे बीमार लोग चंद्र लहरों से सामना नहीं कर सकते हैं, इसलिए नए चाँद के दिनों में अपना जीवन छोड़ देते हैं.

घर में किसी बड़े व्यक्ति के बाल सफ़ेद होने के बाद पीले हों सकते हैं. या फिर घर का कोई बड़ा व्यक्ति काली खासी से ग्रस्त हों सकता हैं.

आपकी सामाजिक छवि ख़राब हों सकती हैं.

घर में कलेश हों सकते हैं.

आपके घर में आमतोर पर कोई न कोई व्यक्ति बीमार रह सकता हैं.

घर की आय में निरंतर कमी आ सकती हैं. और हर काम में असफल हों सकते हैं.

आपके में बच्चो का जन्म न होना और बच्चो का शारीरिक और मानसिक  तोर पे कमजोर  होना भी आमवस्या का एक बुरा प्रभाव हैं | ये भी एक प्रकार का बुरा लेकिन importance of amavasya birth प्रभाव हैं .

शादी में Amavasya के बुरे प्रभाव  के कारण भी देरी हों सकती हैं .

what is the importance of amavasya birth?

बहुत सारे लोग कहते हैं. अमावस्या के दिन जन्म  होने वाले व्यक्ति मुसीबत साथ ले कर आते हैं. और तो और प्रतिपद तिथि पर जन्म होने वाले बच्चो का भी सामान ही दशा मानी जाती हैं.

अमावस्या के आखिर 12 मिनट्स में जन्म लेने वाले बच्चे और प्रतिपद तिथि के पहले 12 मिनट्स बहुत अशुभ माने जाते हैं. और दोष का कारण बनते हैं.जिसे “कुगै दोषम ” कहते हैं.

जिस मनुष्ये की कुंडली कुगै दोषम की होती हैं. वह हमेशा “गैर कार्यात्मक” और भ्रामक स्थिति उत्पन्न करता हैं.
जो मनुष्ये अमावस्या के दोष से प्रभावित होते हैं. वो हमेशा बदकिस्मत ही रहते हैं.

जो भी काम इस दिन शरू किया ज्यादा हैं. वह सफल नहीं होता हैं. यह भी एक प्रकार का  amavasya bad effects हैं .

Read more..aane vali amavasya 2017 kab ki hai

 

 

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