Maa Shailputri Puja Vidhi, Mantra Aur Kavach ,माँ शैलपुत्री पूजा विधि, मंत्र और कवच

 Maa Shailputri | माँ शैलपुत्री

वर्ष में चार बार आने वाली नवरात्रियों में प्रमुख नवरात्रि चैत्र और अश्विन मास की ही प्रमुख होती हैं अश्विन मास की नवरात्रि जिसे शारदीय नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता हैं , प्रमुख नवरात्रि में से एक होती हैं .गुप्त नवरात्रि वर्ष में आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाये जाते हैं ,गुप्त नवरात्रो में दस महाविद्याओं की पूजा की जाती हैं .चैत्र नवरात्रियो में पहला दिन माँ शैलपुत्री (Maa Shailputri) को समर्पित हैं.

जब माँ सती ने यज्ञ में स्वयं की आहुति दी तब उसके बाद उन्होंने पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया संस्कृत में शैल का अर्थ होता हैं पर्वत ,इस प्रकार पर्वत पुत्री होने के कारण माँ शैलपुत्री कहलायी . चंद्र से सम्बंधित कोई भी बुरे प्रभाव को माँ शैलपुत्री (Maa Shailputri) की पूजा से हटाया जा सकता हैं.

 

Shailputri Ka Swaroop |शैलपुत्री का स्वरुप

माँ शैलपुत्री(Maa Shailputri) वृष पर आरूढ़ होती हैं उनके वाहन का नाम वृष हैं, इसलिए शैलपुत्री को वृषरूढा भी कहा जाता हैं .माँ शैलपुत्री अपने दाए हाथ में त्रिशूल और बाये हाथ में कमल का फूल धारण करती हैं.माँ शैलपुत्री को माँ पार्वती के नाम से भी जानते हैं.नौ देवियो में अपनी महत्ता के कारण माँ शैलपुत्री(Maa Shailputri) की प्रथम दिन पूजा की जाती हैं.

 

 

 Maa Shailputri Ki Puja Aur Mantra | माँ शैलपुत्री की पूजा और मंत्र

माँ शैलपुत्री ((Maa Shailputri)की पूजा हेतु सर्वप्रथम आप स्थान को गंगाजल या गौमूत्र से पवित्र कर ले इसके बाद एक चौकी में लाल वस्त्र बिछाकर माँ शैलपुत्री की प्रतिमा स्थापित करें ,माँ शैलपुत्री (Maa Shailputri) को श्वेत वस्त्र और श्वेत पुष्प अर्पित करें ,और एकाक्षरी बीज मंत्र (Ekakshari Beej Mantra) से माँ की आराधना करें .माँ शैलपुत्री को फल अर्पित करें देवी की आराधना करें और आरती गाये .एकाक्षरी बीज मंत्र(Ekakshari Beej Mantra) हैं :

ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
Om Devi Shailaputryai Namah॥

 

Shailputri Ka Dhyaan | शैलपुत्री का ध्यान

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

Vande Vanchhitalabhaya Chandrardhakritashekharam।
Vrisharudham Shuladharam Shailaputrim Yashasvinim॥

Shailputri Ka Kavach | शैलपुत्री का कवच

ॐकारः में शिरः पातु मूलाधार निवासिनी।
हींकारः पातु ललाटे बीजरूपा महेश्वरी॥
श्रींकार पातु वदने लावण्या महेश्वरी।
हुंकार पातु हृदयम् तारिणी शक्ति स्वघृत।
फट्कार पातु सर्वाङ्गे सर्व सिद्धि फलप्रदा॥

Omkarah Mein Shirah Patu Muladhara Nivasini।
Himkarah Patu Lalate Bijarupa Maheshwari॥
Shrimkara Patu Vadane Lavanya Maheshwari।
Humkara Patu Hridayam Tarini Shakti Swaghrita।
Phatkara Patu Sarvange Sarva Siddhi Phalaprada॥

 

Read More:

Maa Chandraghanta Ki Puja Vidhi | माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि 

 

You May Also Like