Maa Baglamukhi Sadhna माँ बगलामुखी की साधना में ध्यान देने योग्य बाते.

हमारे प्राचीन ग्रंथो में 10 महाविद्या का उल्लेख मिलता है:

1. काली 2. तारा 3. षोड़षी 4. भुवनेश्वरी 5. छिन्नमस्ता 6. त्रिपुर भैरवी 7. धूमावती 8. बगलामुखी 9. मातंगी 10. कमला।
माँ बगलामुखी(maa baglamukhi Sadhna) इन्हे पीताम्बरा भी कहते है। इनकी शक्ति का मुकाबला पूरे ब्रह्माण्ड की शक्तियां भी मिलकर नहीं कर सकती। माँ बगलामुखी(maa baglamukhi Sadhna) यंत्र इतना शक्तिशाली होता है कि सभी प्रकार की उन्नति ,मुक़ददमों में सफलता के लिए यह एक राम बाण है।

बगला शब्द संस्कृत भाषा के वल्गा का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ होता है दुलहन  मां का मनोरम रूप और अलौकिक छवि के कारण उन्हें यह नाम प्राप्त है। माँ बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है,इसलिए इन्हे पीताम्बरा भी कहा जाता है। माँ बगलामुखी का रंग स्वर्ण के समान पीला होता है ।माँ की पूजा करते समय पूजन सामग्री में पीली वस्तुओं का प्रयोग किया जाना चाहिए। साधक को पीले वस्त्र ही पहनने चाहिए। रत्नों से जड़ित आसान पर विराजमान होकर माता अपने शत्रुओं का और बुरी शक्तियों का विनाश करती है।देवी बगलामुखी के मंत्रो से कार्यों में सफलता और दुखों का विनाश होता है।

 

Maa Baglamukhi Sadhna Mantra माँ बगलामुखी साधना मंत्र: 

 

ऊँ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां

वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय

बुद्धि विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा।

मन्त्र का उच्चारण साफ़ और स्पष्ट होना चाहिए गलत मंत्रोचारण से अर्थ का अनर्थ हो सकता है।

बगलामुखी मंत्र में बरती जाने योग्य सावधानियां:

बगलामुखी मंत्र का जाप करने वाला साधक सर्वशक्ति संपन्न हो जाता है। यह मंत्र अपने आप में ही बहुत बड़ी शक्ति है। पर यह भी आवश्यक है कि माँ बगलामुखी की पूजा या यंत्र मंत्र साधना गुरु की आज्ञा लेकर ही करनी चाहिए।

माँ बगलामुखी की साधना में ध्यान देने योग्य बातें निम्न प्रकार हैं:

1-आराधना काल में पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

2-साधना डरपोक किस्म के लोगों को नहीं करनी चाहिए। बगलामुखी देवी अपने साधक की परीक्षा भी लेती हैं। इसलिए साधक को भयभीत नहीं होना चाहिए।

3-माँ बगलामुखी की साधना रात्रि से 12 बजे के दौरान करनी चाहिए। साधना गुप्त रूप से होनी चाहिए। साधना में एक समय भोजन करे। पीले वस्त्रों को ही धारण करना चाहिए।

माँ बगलामुखी की पूजा का महत्व

शत्रुओ का नाश करने वाली परमात्मा की अजेय शक्ति ही माँ बगलामुखी है, जीवन को सरल और शत्रुओ के दमन के लिए माँ बगलामुखी की आराधना की आराधना का विशेष महत्व हैं

1-दूध में तिल और चावल मिलाकर हवन करने से लक्ष्मी की कृपा बनी रहती हैं, और दरिद्रता भी दूर रहती हैं.

2-मधु, शहद, चीनी, दूर्वा, से हवन करने पर व्यक्ति आरोग्य और निरोग हो जाता हैं.

3-वशीकरण के लिए शहद ,घी, नमक,और शक्कर से हवन वशीकरण हेतु किया जाता हैं.

माँ बगलामुखी की साधना जो साधक पूरी कर लेता है। वह अजेय सर्व सामर्थयवान बन जाता है । उसके लिए संसार में कुछ भी असाध्य नहीं है।

 

You May Also Like