सभी धर्मो के लिए आस्था का प्रतीक हैं : स्वर्ण मंदिर

Golden Temple History | Facts about golden temple | Golden Temple Langar

स्वर्ण मंदिर या golden temple  के नाम से मशहूर दरबार साहिब की ख्याति पूरे विश्व में में हैं. न केवल भारत बल्कि विदेशो से भी लोग स्वर्ण मंदिर देखने आते हैं, स्वर्ण मंदिर के आकर्षण का केंद्र यहाँ स्थित सरोवर हैं ,जिसका निर्माण गुरु रामदास ने किया था, इसी सरोवर के चारो और स्वर्ण मंदिर (golden Temple) की सरंचना की गयी हैं.स्वर्ण मंदिर की बाह्य संरचना स्वर्ण से निर्मित हैं, इसलिए यह स्वर्ण मंदिर के नाम से विख्यात हैं. स्वर्ण मंदिर सभी जाति धर्मो के लोगो के लिए हैं, स्वर्ण मंदिर की नींव लाहौर के सूफी संत साई मिया मीर ने रखी थी. स्वर्ण मंदिर पर आस्था न केवल सिख्खो की बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए जिसकी सोच सर्व धर्म सम्भाव्य की हैं.

 

Golden Temple History

 Golden Temple

 

स्वर्ण मंदिर (Golden Temple ) को प्रथम दृष्टया देखने पर आपको यह नहीं प्रतीत होगा की यह मंदिर कई बार तोड़ा जा चूका हो.स्वर्ण मंदिर को कई बार बाह्य आक्रमणों की मार सहनी पड़ी. अफगानी हमलावरों ने तो एक बार इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया , पर जितनी बार यह नष्ट किया किया गया उतनी ही बार इसका दुबारा पुनर्निर्माण किया गया .अफगानी हमलावरों के हमले के बाद ही महाराजा रणजीत ने इसका पुनर्निर्माण करवाकर इसे सोने की परत से इसे सुसज्जित कर दिया. स्वर्ण मंदिर के इतिहास (history of golden temple)  पर अगर हम दृष्टि डाले तो स्वर्ण मंदिर का इतिहास बहुत गौरव से परिपूर्ण हैं. स्वर्ण मंदिर की दीवार पर अंकित  जो कहानी लिखित हैं उसे सार इस प्रकार हैं.

Golden Temple History

एक लड़की का विवाह एक कोढ़िग्रस्त लड़के से किया गया . लड़की को ईश्वर पर पूर्ण आस्था थी. एक बार वह इसी सरोवर के किनारे अपनी पति बैठकर गांव में भोजन की तलाश में गयी , उसी वक़्त कही से उड़ता हुआ एक कौवा आया उसने सरोवर में डुबकी लगायी और हंस बनकर बाहर निकल गया , उस युवक ने यह देखा उसे लगा यह कोई चमत्कारिक सरोवर हैं ,अगर में भी इसमें डुबकी लगाऊ तो मेरा भी कोढ़ ठीक हो जायेगा , यह सोचकर उस युवक ने सरोवर में डुबकी लगायी , और जैसे ही वह बाहर निकला उसका कोढ़ ठीक हो गया , यही वो सरोवर हैं जिसके किनारे स्वर्ण मंदिर स्थित हैं, पहले यह छोटा सा तालाब था , लेकिन अब इस तालाब का आकार बड़ा हो गया . इसके किनारे पहले बेरी के पेड़ थे  , आज भी बेरी का पेड़ हैं, इसलिए यह स्थान बहुत ही पावन माना गया हैं.

Golden Temple Facts

Golden Temple Facts

स्वर्ण मंदिर(Golden Temple Facts) सौंदर्य और धार्मिक एकता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं, स्वर्ण मंदिर अपनी बाह्य सुंदरता और और अपने गौरवमयी इतिहास के लिए प्रसिद्द हैं. स्वर्ण मंदिर अपनी कुछ रोचक बातो के लिए भी प्रसिद्द हैं.

  • स्वर्ण मंदिर की नीव एक सूफी संत साई मिया मीर ने रखी थी.
  • स्वर्ण मंदिर के निर्माण के लिए भूमि का दान मुस्लिम शासक अकबर ने दिया था.
  • प्रथम युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने स्वर्ण मंदिर में जीत का अखंड पाठ करवाया था.
  • मंदिर में स्थित चार दरवाजे चारो धर्मो की एकता के प्रतीक के रूप में हैं.
  • स्वर्ण मंदिर के बाहरी भाग में सोने चढ़ाने का कार्य महाराजा रणजीत सिंह ने करवाया, तक़रीबन दो शताब्दी के बाद इसमें सोना चढ़ाया गया .

  • स्वर्ण मंदिर में  लंगर का कार्यक्रम चलता हैं. तक़रीबन 7000 लोग प्रतिदिन खाना कहते हैं. यहाँ विश्व का सबसे बड़ा लंगर लगाया जाता हैं.
  • साधारण से लेकर बड़े से बड़ा अमीर आदमी इस मंदिर में अपनी सेवा प्रदान करता हैं.
  • स्वर्ण मंदिर पहले ईट और पत्थरो से बना था , बाद में इसमें मार्बल का प्रयोग कर इसे बनाया गया .
  • अफगानी हमलावरों ने इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया था. इस हमल के बाद जब इसका पुनर्निर्माण किया गया तभी इसे बाह्य हिस्से को महाराजा रणजीत सिंह ने स्वर्ण से बनाया .
  • स्वर्ण मंदिर में सीढ़ियों का निर्माण इस प्रकार किया गया कि सीढिया ऊपर कि तरफ नहीं बल्कि नीचे की तरफ आती हैं, जो हमें ऊपर से नीचे आना सिखाती हैं.

 

Golden Temple Langar

लंगर की परम्परा (Golden Temple langar ) गुरु नानक देव के समय से ही चली आ रही हैं.यह सिख समुदाय द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक सामाजिक सद्भावना का कार्य हैं.स्वर्ण मंदिर में लंगर सभी के लिए 24 घंटे खुला रहता हैं.गुरूद्वारे में मिलने वाला भोजन शाकाहारी , शुद्ध , सात्विक , पौष्टिक होता हैं. लंगर में आने वालो के लिए सभी सेवादार लंगर खिलाने के लिए सदा तत्पर रहते हैं, लंगर में होने वाले सभी कार्यो के लिए चाहे वे खाना परोसना हो या बर्तन साफ़ करना हो बड़े से लेकर छोटे से छोटा बालक भी अपना योगदान देता हैं.

Golden Temple Langar

यह सिखों की महानता का परिचय देता हैं.लंगर में परोसे जाना वाले खाने में रोटी , सब्जी ,दाल , चावल और मीठे में खीर परोसी जाती हैं.अनुमान से प्रतिदिन 40 ,000 लोग यहाँ लंगर में भोजन करते हैं.धार्मिक अवकाशों के दौरान लंगर में खाना खाने वालो की संख्या बढ़ जाती हैं.यहाँ पर दो रसोई हैं जिनमे खाना तैयार किया जाता हैं.यहाँ एक तवा ऐसा भी हैं ,जिसमे 1 घंटे में 25 ,000 रोटियां तैयार की जाती हैं. यह तवा यहाँ लेबनान के एक भक्त ने दान किया था.एक अन्य आश्चर्य जनक तथ्य यह हैं की यहाँ लंगर में बनने वाले खाने में 50 क्विंटल गेहू , 18 क्विंटल दाल ,14 क्विंटल चावल ,7 क्विंटल दूध का इस्तेमाल प्रतिदिन होता हैं.

 

Golden Temple Attack (Operation Blue Star )

Golden Temple Attack

स्वर्ण मंदिर पर हमला आपरेशन ब्लू स्टार (Golden Temple Attack (Operation Blue Star )के नाम से जाना जाता हैं.आपरेशन ब्लू स्टार को समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरुरी हैं की आपरेशन ब्लू स्टार क्या था ,और क्यों चलाया गया , जब पंजाब में अकाली दल का जन्म हुआ और बहुत काम समय में अकाली दल ने लोकप्रियता हासिल की और अपनी अलग मांगो के लिए जिसमे पंजाबियो के लिए एक अलग देश खालिस्तान की मांग की, धीरे धीरे जब खालिस्तान की मांग ने जोर पकड़ा , और खालिस्तान के कट्टर समर्थक जरनैल सिंह भिंडारवालाके नेतृत्व में इस मांग ने जोर पकड़ा, और खालिस्तान आंदोलन हिंसक होता चला गया,

तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गाँधी इस मुद्दे को लेकर काफी गंभीर थी, और उन्होंने बहुत बड़ा खतरा लेते हुए भी इस समस्या का अंत करने का निर्णय लिया भारतीय सेना ने इस आंदोलन को कुचलने के लिए अमृतसर स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर(स्वर्ण मंदिर ) को ख़ालिस्तान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए आपरेशन ब्लू स्टार चलाया था.

इस हमले में स्वर्ण मंदिर (golden Temple)  में भी गोलिया चली , बहुत खून खराबा हुआ , और महत्वपूर्ण सिख पुस्तकालय जल गया .इस हमले के बाद कई प्रमुख सिखों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया , इस हमले का भीषण रूप इंदिरा गाँधी की नृशंस हत्या के रूप में सामने आया . उनके दो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया , इंदिरा गाँधी की मृत्यु मौके पर ही हो गयी.

Amritsar Golden Temple Room Booking

Amritsar Golden Temple Room Booking

यहाँ ठहरने के लिए श्री हरमिंदर साहिब अथॉरिटी (Amritsar Golden Temple Room Booking) द्वारा रहने लिए उत्तम व्यवस्था की गयी जिसमे साथ निवास स्थान हैं,जो इस प्रकार हैं.

गुरु अर्जन देव निवास स्थान जिसमे रहने के लिए 65 कमरों की व्यवस्था की गयी हैं, कमरों का किराया भी साधारण हैं, रहने व स्नान की व्यवस्था व्यक्तिगत रूप से हैं. कमरों का किराया 500 रूपये प्रतिदिन हैं.

न्यू अकाल रेस्ट हाउस में भी 49 कमरों की व्यवस्था हैं , जिनमे रहने की व्यवस्था उत्तम हैं. कमरों का किराया भी साधारण हैं .

गुरु राम दास निवास की स्थापना 1931 में संत साधु सिंह द्वारा हुयी थी, यहाँ ठहरने के लिए 228 कमरों की व्यवस्था हैं, और किराया भी बहुत साधारण दामों में उपलब्ध हैं.

गुरु नानक निवास में भी रहने की व्यवस्था उपलब्ध हैं, यहाँ रहने के लिए 80 कमरे हैं, जिनका किराया भी बहुत साधारण हैं.

इसके अलावा गुरु हरगोबिंद निवास,माता गंगाजी निवास,गुरु गोबिंद सिंह जी NRI यात्री निवास ,बाबा दीप सिंह निवास ,माता भाग कौर जी निवास यहाँ अन्य निवास के स्थान हैं.

स्वर्ण मंदिर  (Golden Temple) सभी धर्मो के लिए आस्था का प्रतीक हैं. स्वर्ण मंदिर में स्थित चार दरवाजे इसके सर्व धर्म समभाव का परिचय देते हैं.

Related Post 

दिल्ली के प्रसिद्द मंदिर

केरल का पवित्र सबरीमाला श्री अयप्पा का मंदिर

हनुमान जी के इस मंदिर में मांगी हर मुराद होती है पूरी- गारंटी से

You May Also Like