पंच तीर्थो में सर्वश्रेष्ठ हैं पुष्कर

सृष्टि के रचियता ब्रह्मदेव (Pushkar Brahma Temple ) का प्रमुख मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित हैं, वैसे तो ब्रह्मा जी के कई मंदिर हैं,लेकिन यह ब्रह्मा जी का पूरे भारत में एकमात्र अंदिर हैं जहा उनकी पूजा को मान्यता प्राप्त हैं.पुष्कर के अलावा ब्रह्मा जी मंदिर कुल्लू,बाड़मेर ,कोल्लम तंजावुर , साबरकंठा , गुंटूर में हैं.पत्नी के श्राप की वजह से ही केवल पुष्कर में ब्रह्मा जी पूजा अर्चना को मान्यता प्राप्त हैं

सृष्टि के रचियता ब्रह्मदेव (Pushkar Brahma Temple ) का प्रमुख मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित हैं, वैसे तो ब्रह्मा जी के कई मंदिर हैं,लेकिन यह ब्रह्मा जी का पूरे भारत में एकमात्र अंदिर हैं जहा उनकी पूजा को मान्यता प्राप्त हैं.पुष्कर के अलावा ब्रह्मा जी मंदिर कुल्लू,बाड़मेर ,कोल्लम तंजावुर , साबरकंठा , गुंटूर में हैं.पत्नी के श्राप की वजह से ही केवल पुष्कर में ब्रह्मा जी पूजा अर्चना को मान्यता प्राप्त हैं.

इस मंदिर की स्थापना 14 शताब्दी में इस मंदिर की स्थापना हुयी .यह मंदिर लगभग 2000 वर्ष पुराना हैं , मंदिर के निर्माण में संगमरमर का उपयोग हुआ हैं.मंदिर में ब्रह्मा जी चार मुख वाली मूर्ति कमल के आसान पर विराजमान हैं. ब्रह्मा जी के साथ गायत्री और सावित्री की मूर्ति भी सुशोभित हैं.

 

Pushkar Brahma Temple History

Pushkar Brahma temple

सृष्टि के रचनाकार के रूप में जगत्पति श्री ब्रह्मा (Pushkar Brahma Temple ) जी का नाम हैं,और पालन कर्ता के रूप में श्री विष्णु जी जा नाम हैं , और संहारक के रूप में महादेव जी का नाम हैं. विष्णु और महादेव के तो अनेको मंदिर हैं, पर श्री ब्रह्मा जी का केवक एक ही मंदिर केवल पुष्कर में हैं , पुष्कर में ही की गयी पूजा को मान्यता प्राप्त हैं. यह सब ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री के श्राप की शाप की वजह से हैं.

एक बार ब्रह्मा जी पुष्कर में यज्ञ का आयोजन कर रहे थे , पर सही समय पर उनकी पत्नी सावित्री वह नहीं पहुंच पायी और , यज्ञ का मुहूर्त निकल रहा था , तब श्री ब्रह्मा ने नंदिनी गाय के श्री मुख से गायत्री को प्रकट किया और तब यज्ञ में बैठे , इसी बीच सावित्री आ गयी और उन्होंने क्रोधित होकर श्री ब्रह्मा जी को श्राप दे दिया की आप को पूजा केवल पुष्कर में ही मान्य होगी , और कही भी आपकी पूजा को मान्यता प्राप्त नहीं होगी.

Pushkar Brahma Temple History

सावित्री ने नंदिनी गाय और श्री विष्णु को भीपत्नी वियोग का श्राप दिया .जिसके चलते श्री रामावतार में श्री राम को पत्नी का वियोग सहना पड़ा . वैसे ब्रह्मा जी के मंदिर पुष्कर (Pushkar Brahma Temple) के अलावा और भी जैसे  गुंटूर कुल्लू, बाड़मेर ,कोल्लम, तंजावुर ,साबरकंठा आदि जगहों पर हैं .पर मान्यता केवल पुष्कर के ही मंदिर को प्राप्त हैं.

List of lord Brahma temple in India

वैसे तो ब्रह्मा जी मंदिरो की संख्या ज्यादा नहीं हैं ,(list of lord Brahma temple in India) इनमे भी केवल पुष्कर में ही ब्रह्मदेव की पूजा अर्चना को ही मान्यता प्राप्त हैं. पुष्कर के अलावा ब्रह्मा जी के मंदिर बैंगलोर( कर्नाटक ), हिमाचल प्रदेश (कुल्लू),तमिलनाडु ( थिरुपत्तूर) आंध्र प्रदेश ( गुंटूर)केरला (थिरुनवाया )नामक स्थान में स्थित है , जिनके बारे में जानकारी इस प्रकार हैं.

 

Brahma Temple Bangalore

List of lord Brahma temple in India

ब्रह्मा जी का बैंगलोर (Brahma Temple Bangalore )में मंदिर करिहोबानहल्ली नामक जगह में स्थित हैं. यहाँ ब्रह्मा जी की चार मुँह वाली 7 फ़ीट ऊंची मूर्ति स्थित हैं. सभी भक्त यहाँ ज्ञान प्राप्त करने, बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए ब्रह्मा जी के इस मंदिर में आते हैं

Brahma Temple in Tamilnadu

Brahma Temple in Tamilnadu

ब्रह्मा जी का (Brahma Temple in Tamilnadu) तमिलनाडु में मंदिर थिरुपत्तूर नामक स्थान पर स्थित हैं, सभी भक्त यहाँ अपने भाग्य को बदलने और श्री ब्रह्मा जी के दर्शन के लिए आते हैं.

Brahma Temple in Kerala

ब्रह्मा जी का मंदिर (Brahma Temple in Kerala) केरला में थिरुनवाया नामक जगह पर हैं, थिरुनवाया को दक्षिण की काशी भी कहा जाता हैं. यहाँ ब्रह्मा , विष्णु ,महेश त्रिदेवो के मंदिर स्थित हैं.

Brahma Temple in Andhra Pradesh

आंध्र प्रदेश (Brahma Temple in Andhra Pradesh) में ब्रह्मा जी का मंदिर गुंटूर नामक जिले में स्थित हैं.आंध्र प्रदेश में ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर केवल गुंटूर जिले में ही हैं.चेब्रोलू ब्रह्मा जी का मंदिर लगभग 2000 वर्ष पुराना हैं. और चोल , चालक्य, काकतीय वंश के समय से हैं.

Aadi Brahma Temple in Kullu

ब्रह्मदेव का एक और मंदिर हिमान्चल प्रदेश के कुल्लू मैनाली में स्थित हैं . आदि ब्रह्म मंदिर के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध यह मन्दिर पेगोडा शैली में बना हुआ हैं.ब्रह्म देव का यह मंदिर 14 वी शताब्दी में बना हुआ हैं.यह मंदिर भारत के प्राचीन मंदिरो में से एक माना जाता हैं.

Pushkar Lake

पुष्कर झील के बारे में यह कहानी हैं की ब्रह्मा जी के कमल की पंखुरी पुष्कर में गिरने से झील का निर्माण हुआ . सूर्यास्त के समय झील का दृश्य बहुत मनोरम होता हैं, ब्रह्मदेव के कमल की पंखुरी से निर्मित पुष्कर(Pushkar Lake) झील का सौंदर्य देखते ही बनती हैं,कार्तिक पूर्णिमा के दिन तो यहाँ की शोभा दर्शनीय हैं, यहाँ पर लगने वाला विराट मेला काफी प्रसिद्ध हैं .

इस झील में बने 52 घाट बने हुए हैं.पुष्कर में भ्रमण का उपयुक्त समय अक्टूबर से मार्च तक का हैं . पुष्कर क्षेत्र में 400 के लगभग मंदिर हैं. पुष्कर क्षेत्र में स्थित मंदिरो में जो प्रमुख मंदिर हैं उनमे ब्रह्मा रघुनाथ, अटपटेश्वर महादेव, गायत्री, वराह, राम बैकुंठ, सावित्री तथा अजगधेश्वर मंदिर प्रमुख हैं.

पुष्कर सभी तीर्थो में सर्वश्रेष्ठ माना गया हैं, पुष्कर को प्रमुख तीर्थो में एक माना गया हैं. पुष्कर की गणना पांच तीर्थो में की जाती हैं, जिनमे हरिद्धार, प्रयाग, गया ,कुरुक्षेत्र आता हैं.पुष्कर की माहात्म्य इस बात से भी लगाया जा सकता हैं की यहाँ श्री राम, श्री कृष्ण ,का भी आगमन रहा हैं.

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