रावण संहिता के ये उपाय धन से भर देंगे आपके घर को !!!!

ravan samhita original, ravan samhita astrology,ravan samhita ke upay

इतिहास के पन्नो को हम पलटकर देखे रावण का चरित्र हम एक दुष्ट राक्षस के रूप में देखेंगे , जिसने छल से सीता का हरण किया, पर एक और जहाँ रावण में (ravan samhita ke upay) दम्भ, अहंकार जैसी प्रवृतिया थी, वही दूसरी और वह एक विद्वान और उच्चकोटि का तांत्रिक भी था. तंत्र और ज्योतिषशास्त्र से सम्बंधित अनेक विषयो पर उसने कई किताबे लिखी, जो बहुत ही प्रभावी और ज्ञान का सार हैं.

रावण संहिता इन्ही में से एक है. जिसमे रावण ने ऐसे रहस्यों और उपायों का वर्णन किया हैं.जो आपके दुर्भाग्य का परिवर्तन कर आपके लिए सुखो का द्वार खोल सकते हैं. अगर हम तंत्र क्रिया को परिभाषित करे तो इसका सीधा अर्थ हैं स्वयं की आतंरिक शक्ति का प्रभाव इतना विकसित करना की हम कई शक्तियों को सिद्ध कर सके. जिसमे किसी को सम्मोहित करना ,अपने वश में करना मन वशीकरण .आदि

रावण संहिता के उपाय : Ravan Samhita ke upay

ravan samhita ke upay

रावण , (Ravan samhita ke upay) एक महान योद्धा होने के साथ साथ एक महान खगोलशास्त्री और ज्योतिषी का भी विद्वान था, उसने सारे ग्रहो को वश में करके अपने निदेशानुसार चलने का आदेश भी प्रदान किया था. उसने अपने सारे ज्ञान को जिस पुस्तक में सहेज कर रखा , उसी का नाम रावण संहिता हैं.किताबो में लिखे गए उपाय आज भी सर्व सिद्धि करने में सफल हैं, और यदि नियमानुसार इनका पालन किया जाये तो आपके सभी मनोरथ पूर्ण होंगे , और धन की देवी लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी.

बेल का पौधा


कार्तिक अमावस्या के दिन बेल का पौधा लगाना , आपकी धन सम्बन्धी सारी परेशानियों को दूर करता हैं, और देवी लक्ष्मी की सारी कृपा आपके ऊपर हमेशा बनी रहती हैं.

चावल और दूध चढ़ाना


रावण शिव का बहुत बड़ा भक्त था, उसने शिव को प्रसन्न करने के लिए कैलाश को अपने हाथ में उठा लिया था , और शिव को अपने सर काट काट कर चढ़ाये थे.शिव तांडव स्त्रोत की रचना भी रावण ने की थी.

रावण संहिता (ravan samhita)   के अनुसार नियमित सदा शिव को बेलपत्र कच्चा दूध और चावल चढ़ाने वाला इंसान कभी भी गरीब नहीं हो सकता है।

दीया जलाना


रावण द्वारा जो बातें रावण संहिता में दी गयी हैं, वे फलदायी हैं, इन उपाय को केवल कार्तिक मास के दौरान ही करे आपकी सारी धन सम्बन्ध परेशानी दूर होगी. कार्तिक मास में बेल के पेड़ में पानी चढ़ाने से और दीपक जलाने से धन की कभी कमी नहीं होगी

श्री सुक्त का पाठ


देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त का पाठ धन , वैभव की बढ़ोतरी करेगा .इसके लिए बेल के वृक्ष के नीचे बैठकर श्री सूक्त का पाठ करे ,

पद्मानने पद्मिनि पद्मपत्रे पद्मप्रिये पद्मदलायताक्षि
विश्वप्रिये विश्वमनोऽनुकूले त्वत्पादपद्मं मयि सन्निधत्स्
पद्मानने पद्मऊरू पद्माक्षी पद्मसम्भवे
तन्मे भजसिं पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्‌
अश्वदायी गोदायी धनदायी महाधने
धनं मे जुष तां देवि सर्वांकामांश्च देहि मे
पुत्र पौत्र धनं धान्यं हस्त्यश्वादिगवेरथम्‌
प्रजानां भवसी माता आयुष्मंतं करोतु मे
धनमाग्नि धनं वायुर्धनं सूर्यो धनं वसु
धन मिंद्रो बृहस्पतिर्वरुणां धनमस्तु मे
वैनतेय सोमं पिव सोमं पिवतु वृत्रहा
सोमं धनस्य सोमिनो मह्यं ददातु सोमिनः
न क्रोधो न च मात्सर्यं न लोभो नाशुभामतिः
भवन्ति कृतपुण्यानां भक्तानां सूक्त जापिनाम्
सरसिजनिलये सरोजहस्ते धवलतरांशुक गंधमाल्यशोभे
भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञे त्रिभुवनभूतिकरी प्रसीद मह्यम्‌
विष्णुपत्नीं क्षमां देवीं माधवीं माधवप्रियाम्‌
लक्ष्मीं प्रियसखीं देवीं नमाम्यच्युतवल्लभाम
महादेव्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्
चंद्रप्रभां लक्ष्मीमेशानीं सूर्याभांलक्ष्मीमेश्वरीम्‌
चंद्र सूर्याग्निसंकाशां श्रिय देवीमुपास्महे
श्रीर्वर्चस्वमायुष्यमारोग्यमाभिधाच्छ्रोभमानं महीयते
धान्य धनं पशु बहु पुत्रलाभम्‌ सत्संवत्सरं दीर्घमायु
इति श्रीलक्ष्मी सूक्तम्‌ संपूर्णम्‌

लक्ष्मी हवन करना
हमारे प्राचीन इतिहास को हम देखे तो पाएंगे की ऋषि मुनियो ने यज्ञो के द्वारा अनेक शक्तियों को अर्जित किया ,और वे शक्तियाँ उन्होंने देवो को प्रदान की अथवा मानव मात्र की भलाई के लिए लगा दी.यज्ञ और हवन के द्वारा हम देवी लक्ष्मी को भी प्रसन्न कर सकते हैं, इसके लिए कार्तिक माह में बेल पत्र के नीचे बैठकर हवन करने से घर में धन धान्य की वृद्वि होती हैं.

रावण संहिता में उल्लिखित इस उपायों को करने से इनके प्रभाव से आप सदैव लक्ष्मी की कृपा से अभिभूत रहेंगे ये उपाय न केवल आपकी मनोरथो को पूरा करेंगे अपितु आपके सारे धन से सम्बंधित दिक्कतों को दूर भी करेंगे .और आपके घर में सदैव माँ लक्ष्मी का वास रहेगा . लक्ष्मी की कृपा आपको धन और वैभव प्रदान करती रहेगी.

Ravan Samhita Remedies

रावण संहिता में धन प्राप्ति के लिए (Ravan Samhita Remedies) लिखित कुछ मंत्रो का का भी वर्णन हैं. जो धन सम्पति के मार्ग को खोलकर आपको श्री से युक्त कर देंगे , देवी लक्ष्मी की कृपा से कभी आपको धन की कमी नहीं होगी .

धन प्राप्ति का उपाय

धन प्राप्ति के उपायों में सर्वप्रथम प्रात: जल्दी उठकर स्नानादि के बाद किसी वट वृक्ष के नीचे बैठकर धन प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जाप करें.इस मंत्र का जाप 21 दिनों तक लगातार अधिक से अधिक बार करें , इससे मंत्र सिद्ध होते ही आपके धन आगमन के सारे द्वार खुल जायेंगे

धन प्राप्ति का मंत्र: ऊँ ह्रीं श्रीं क्लीं नम: ध्व: ध्व: स्वाहा

दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी की कृपा पाने का उपाय

 

अक्षय तृतीया,दीपावली की रात्रि महालक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी होती हैं,इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा आपके सारे धन सम्बन्धी परेशानियों को दूर कर आपको धन से पूर्ण कर देगी. देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए निम्न मंत्र का जाप फलदायी सिद्ध होगा मंत्र:

ऊँ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मी, महासरस्वती ममगृहे आगच्छ-आगच्छ ह्रीं नम:

इस मंत्र का जाप कमलगट्टे की माला से 108 बार करें , आपके धन आगमन के सारे द्वार खुल जायेंगे

 

कुबेर की कृपा पाने के लिए

कुबेर को देवताओ का कोषाध्यक्ष कहा जाता हैं.कुबेर रावण का भाई था . कुबेर की भांति यदि आप अकूत सम्पति के मालिक बनना चाहते हैं, तो आपको निम्न मंत्र का जाप तीन माह तक करना हैं. इस मंत्र का जाप 108 बार लगातार तीन माह तक आपको धन से परिपूर्ण कर देगा
मंत्र: ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवाणाय, धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा

 

तुरंत धन प्राप्ति के लिए

कई बार आदमी धन कमाने के लिए बहुत मेहनत करता हैं.पर उसे सफलता नहीं मिलती हैं ऐसे में धन प्राप्ति के लिए उपरोक्त मन्त्र का जाप सफल सिद्ध होगा

मंत्र: ऊँ सरस्वती ईश्वरी भगवती माता क्रां क्लीं, श्रीं श्रीं मम धनं देहि फट् स्वाहा

इस मंत्र का जाप 108 बार करने से धन प्राप्ति के सारे रास्ते खुल जायेंगे और लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी

इस प्रकार रावण संहिता में लिखित ये उपाय आपके सारे कार्य सिद्ध होंगे और लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी पर इन उपायों को सिद्ध करने से पूर्व किसी श्रेष्ठ ज्योतिषी से जानकारी अवश्य ले .

Similar Post :

जानिए वे 10 बाते जो सिद्ध करती है की रावण था इस धरती पर सबसे बड़ा ज्ञानी !

जब लंकापति रावण ने राम से मांगी एक विचित्र दक्षिणा, रावण से जुडी एक अनोखी कथा !

You May Also Like