अक्षय तृतीया के दिन घर लाये ये 4 चीजे ,देवी लक्ष्मी अपने-आप आएगी आपके द्वार!

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Akshaya Tritiya ,how to celebrated Akshaya Tritiya

वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya) कहते हैं. हमारे पुराण में इस दिन का विशेष महत्व हैं , इस दिन का माहात्म्य इतना हैं कि यदि इस दिन कोई भी शुभ काम किया जाये तो उसका शुभ फल जरूर मिलता हैं.

इस दिन आप कोई भी शुभ काम बिना किसी पंडित से पूछे बगैर कर सकते हैं.स्वर्ण खरीदना , किसी भी आभूषण , जमीन , विवाह , गृह प्रवेश कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य आप कर सकते हैं.इस दिन किया गया तप ,दान , गंगा स्नान , आदि का भी विशेष महत्व हैं.

इस दिन की महिमा का अगर हम बखान करे तो इस दिन जाने अनजाने आपके द्वारा किये गए कोई भी अपराध की ईश्वर से क्षमा मांगे तो ईश्वर क्षमा कर देते हैं. इस दिन किये गए पिंड दान या तर्पण का भी विशेष महत्व हैं.अक्षय तृतीया के दिन वस्त्र दान , विद्या दान का फल अक्षय होता हैं.

अक्षय तृतीया की व्रत कथा

अक्षय तृतीया ( (Akshay Tritiya)पर वैसे तो अनेक कथाये प्रचलित हैं, प्राचीन काल में धर्मदास नामक वैश्य था जब उसने अक्षय तृतीया के महत्व के बारे में सुना तो उसने इस दिन दान का कार्य किया , वृद्ध होने के कारण भी उसने व्रत , किया धर्म , कर्म का कार्य किया , स्वर्ण का ,वस्त्रो का ,धन का दान किया , अगले जन्म में वह कुशावती का राजा बना , उसे अपने राजा होने में और , धर्म कर्म के कार्य का बिलकुल भी अहम् नहीं था . मान्यता हैं यही अगले जन्म में चन्द्रगुप्त के रूप में पैदा हुआ.

वैशाख की तृतीया को ही रेणुका के गर्भ से भगवान् परशुराम का जन्म हुआ. दक्षिण भारत में परशुराम की पूजा का बहुत बड़ा माहात्म्य हैं. आज के दिन परशुराम की पूजा करके उन्हें जल चढ़ाया जाता हैं.इस दिन कुवारी कन्याये गौरी पूजा कर प्रसाद बाटती हैं.

 

विभिन्न प्रांतो में अक्षय तृतीया

विभिन्न प्रांतो में अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya)का बहुत बड़ा महत्व हैं. बुंदेलखंड में अक्षय तृतीया का उत्सव बहुत पारम्परिक तरीके से मनाया जाता हैं , वहा इस त्यौहार की रौनक अक्षय तृतीया से लेकर पूर्णिमा तक होती हैं. वहा इस दिन कुवारी कन्याओ द्वारा अपने घर के लोगो में शगुन बाँटने का रिवाज हैं, वही राजस्थान में अक्षय तृतीया के दिन को वर्षा के आगमन के रूप मनाया जाता हैं, अक्षय तृतीया को राजस्थानी लोग वर्षा की कामना करते हुए हुए मनाते हैं , आज के दिन वे लोग सात तरह के अन्न की पूजा करते हैं.

अक्षय तृतीया पर धन पाने के तरीके/  Akshay Tritiya par  dhan pane ke tarike

 

“अक्षय तृतीया” ( Akshya Tritiya) अब न केवल हिंदू द्वारा मनाई जाती है बल्कि दूसरे धर्म के लोगों द्वारा भी माना जाता है। लोग सिर से स्नान करते हैं और घर साफ करते हैं तथा भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं

दोस्तों अगर हम “अक्षय तृतीया” (akshaya tritiya)   के दिन दान  पूजा के साथ ये 5 चीजे अपने घर ले आये तो देवी लक्ष्मी जी प्रसन जरुर होगी और आपके घर अवश्य आएगी

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इस दिन सोने और चांदी के गहने खरीदें, यदि ये आपके बजट में नहीं हैं तो ग्राम में कम से कम खरीद लें.इस दिन कुछ खरीदना भी शुभ माना गया हैं इसलिए अगर आप इस दिन अपना मासिक सामान भी खरीदें सकते हैं जो अवश्य ही शुभ होगा.इस दिन कुछ भी नया काम शुरू करना भी शुभ माना गया हैं उदाहरण के लिए,

किसी भी नई परियोजना को शुरू करना, विवाह का आयोजन करना, घर का निर्माण करना,

किसी भी नए पाठ्यक्रम में शामिल होना, फिल्म की पूजा आदि करना शुभ माना गया हैं.

अक्षय तृतीया(Akshay Tritiya) के दिन गरीबो में अन्न और वस्त्र का दान अवश्य करे , इसका आपको अक्षय फल मिलेगा .

अक्षय तृतीया(Akshay Tritiya) के दिन गौ, भूमि, तिल, सोने, घी, वस्त्र, गुड़, चांदी, नमक, शहद का दान का आपको अक्षुण्य फल मिलता हैं,

अक्षय तृतीया(Akshay Tritiya) के दिन घर में एकाक्षी नारियल की स्थापना करने से घर में माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहेगी.

 

हिन्दू धर्म में चार तरह की तिथियों को सर्वश्रेष्ठ माना गया हैं जिसमे अक्षय तृतीया(Akshay Tritiya) के अलावा , चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ,दीपावली पूर्व प्रदोष तिथि,दशहरा को माना जाता हैं .इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी और अक्षय पुण्य देने वाली मानी जाती हैं .

 

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