शनि दोष और शनि दोष से निवारण से सम्बंधित उपाय-shani dosha nivarana

shani dosha nivarana

shani dosha nivarana

शनि ग्रह को सभी ग्रहो में बहुत क्रूर गृह माना गया हैं। शनि (shani dosh)न्याय के देवता माने जाते हैं। एक न्यायप्रिय देवता होने के कारण शनि अच्छे कार्य करने वाले को अच्छा परिणाम और बुरे कार्य करने वालो को बुरा परिणाम देते हैं। शनि न्याय प्रिय, कर्म. धर्म के प्रतीक हैं ।शनि मनुष्यो को उसके कर्मो के अनुसार गति प्रदान करते हैं। इसलिए उनकी छवि एक क्रूर देव के रूप में मानी गयी हैं। अच्छे कार्यो के लिए वे सुखद परिणाम प्रदान करते हैं। बुरे कार्यो के लिए वे दंड भी देते हैं।शनि दोष के निवारण (shani dosha nivarana ) के लिए बहुत से सरल से उपाय हैं, जिन्हे करके शनि का कष्ट कम हो जाता हैं।

Shani Dosh

शनि दोष (shani dosha ) वास्तव में शनि साढ़ेसाती या शनि की ढैया ही हैं। शनि न्यायप्रिय देव और दंडाधिकारी हैं। हमारे कर्मो के अनुरूप ही वे हमें पुरस्कृत भी करते हैं ।और दंड भी देते हैं। शनि देव वास्तव में न्याय के पद पर आसीन हैं । न्याय पद पर आरूढ़ व्यक्ति को सदैव निष्पक्ष होना पड़ता हैं। शनि की भूमिका निष्पक्ष देव की हैं हमारे कर्मो के अनुरूप वह हमें दंड भी देंगे और पुरस्कृत भी करेंगे।

शनि दोष shani dosh nivaran से बचने का एक ही उपाय हैं ।शनि देव पत्नी के श्राप की वजह से धीमी गति से चलते हैं.इसलिए शनि देव को किसी भी राशि को पार करने ढाई वर्ष का समय लगते हैं। शनि के बारे में कल्पना करने पर लोग एक क्रूर और दंडाधिकारी देव की कल्पना करते हैं । ये सत्य भी हैं , क्युकी न्यायप्रिय देव होने की वजह से शनि कर्मो को लेकर निष्पक्ष हैं । जिसके जैसे कर्म होंगे उसे वैसा ही फल मिलेगा

Shani Mantra

शनि मंत्र(shani mantra) का जाप करके हम शनि shani dosha nivarana कष्ट के ताप को कम करने की प्रार्थना कर सकते हैं ।शनि दोष के दौरान शनि मंत्र (shani mantra) का जाप करना शुभ और लाभदायक होता हैं ।

शनि हमें हमारे कर्मो के अनुरूप दंड देते हैं ।अच्छे कर्मो के लिए शनि देव पुरस्कृत भी करते हैं और बुरे कर्मो के लिए दंड की भी योजना हैं। शनि दोष कुंडली में शनि की साढ़े साती या शनि की ढैया के रूप में प्रकट होता हैं। शनि दोष में शनि मंत्रो(shani mantra) का जाप करके हम शनि संकट के ताप को थोड़ा कम कर सकते हैं ।.शनि मन्त्र(shani mantra) का जाप करके हम शनि की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

शनि देव का तांत्रिक मन्त्र इस प्रकार से हैं।

ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः

शनि देव का वैदिक मंत्र इस प्रकार से हैं।

ऊँ शन्नो देवीरभिष्टडआपो भवन्तुपीतये

शनि देव की आराधना करने के दौरान इन मंत्रो का जाप भी कर सकते हैं।

||ऊँ श्रां श्रीं श्रूं शनैश्चाराय नम।|

||ऊँ हलृशं शनिदेवाय नम।|

||ऊँ एं हलृ श्रीं शनैश्चाराय नम।|

||ऊँ मन्दाय नम।|

||ऊँ सूर्य पुत्राय नम।|

शनि देव की साढ़ेसाती के दौरान शनि मंत्रो का जाप शनि के ताप को न केवल काम करता बल्कि शनि की कृपा भी उसे प्राप्त होती हैं।

||ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम||
||उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात||

||ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये.शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः||

||ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्‌.छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्‌||

Shani Dosha Nivarana

शनि दोष निवारण(shani dosha nivarana)के लिए जातक को हनुमान  और महादेव की पूजा करनी चाहिए। शनि के प्रमुख आराध्य देव हनुमान जी हैं। हनुमान जी ने लंका में शनि और अन्य नव ग्रहो को रावण की कैद से मुक्त किया था.।शनि ग्रह की हनुमान के भक्तो पर विशेष अनुकम्पा हैं। हनुमान के भक्तो को वो कष्ट ताप और संताप नहीं देते हैं।शनि दोष निवारण (Shani dosha nivarana)के लिए कुछ उपय और सावधानिया रखी जानी जरुरी हैं , जो इस प्रकार हैं.

1- शनिवार के दिन सरसो का तेल का उपयोग खाना बनाने के दौरान न करे , न ही सरसो के तेल को सर पर लगाए।

2- शनिवार के दिन काली उड़द की दाल , सरसो का तेल दान करे ।

3-शनिवार के दिन मछलियों को आटे की गोलिया बनकर खिलाये।

4-नियमित रूप से काले कौओ को दाना दे।

5-काला कुत्ता पाले यदि संभव न हो ,तो शनिवार के दिन कल्ले कुत्ते को रोटी अवश्य खिलाये।काली गाय को घी लगी हुयी रोटी खिलाये।

6-शनिवार के दिन हनुमान चालीसा और सुन्दरकाण्ड का पाठ अवश्य करे।

7-प्रतिदिन शनि चालीसा का पाठ करे।

8-लकड़ी के कोयले को शनिवार के दिन बहते हुए पानी में प्रवाहित करे।

9-शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाये और सरसो के तेल का दीप प्रज्वलित करे।  पीपल के पेड़ में सभी देवताओ का वास माना जाता हैं।

shani sadesati

शनि साढ़े साती के दौरान जरूरी है ये साँवधानियाँ और उपाय–

शनि साढ़े साती से होने वाली परेशानी के बारे में हम जान ही चुके है। शनि देव के गुस्से की मार से बचने के कुछ उपाय निम्न है जिनका सावधानी से इस्तेमाल किया जाए तो शनि की साढ़े साती का असर कम किया जा सकता है।

1) शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए ये जरूरी है कि घर मे नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ हो,क्योकि ऐसा करने से शनि देव खुश होते है।

2)शनिवार के दिन शनि देव को सरसो का तेल और तांबा भेट करना चाहिए।

3)साढ़े साती के दौरान ध्यान रखे कि आपके घर से किसी बड़े का अपमान ना होता हो।

4) इसके अलावा अगर फिर भी साढ़े साती का असर दिखे तो फिर किसी ज्योतिषशास्त्री से रत्न लेकर उसको पहनना शुरू करना चहिए।

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shani dosh nivaran pooja

शनि देव के कोप से यध्यपि बचना मुश्किल हैं। क्यूकि शनि का ताप उनकी पूजा उनका ध्यान करने से कम तो हो जायेगा।  शनि हमें हमारे बुरे कर्मो के लिए दंड भी देंगे और कर्मो का इतिहास अगर अच्छा हैं तो पुरस्कृत भी करेंगे। शनि दोष के निवारण (shani dosh niwaran pooja)के लिए काली उड़द की दाल , राइ , और सरसो के तेल का दान हर शनिवार को करना चाहिए। हर शनिवार को शनि दोष के निवारण (shani dosh niwaran pooja)शनिदेव की पूजा करनी चाहिए।

हनुमान के भक्तो पर भी शनिदेव की विशेष कृपा हैं। शनि दोष के निवारण (shani dosh niwaran pooja)के लिए शनिवार के दिन हनुमान को लाल चोला अर्पित करे। और चमेली के तेल में सिंदूर मिलकर हनुमान जी को लगाए।.शिव के मंत्रो का जाप करे। शिव मंत्र का जाप भी शनि दोष के निवारण के संकट और शनि दोष को काम कर सकता हैं।शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाये और सरसो का दीप प्रज्वल्लित करे।  पीपल के वृक्ष को पूजनीय माना गया हैं. इसलिए यह जरुरी हैं कि शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष कि पूजा करे।  शनि मंत्रो का जाप करे।

जानिए.. shani dosh nivaran ke upay

शनि दोष हमारे कर्मो का ही फल हैं।  हमारे अच्छे कर्मो के फलस्वरूप शनि हमें पुरस्कृत भी करते हैं।  और हमारे बुरे कर्मो के फलस्वरूप शनि हमें दण्डित भी करते हैं। शनि देव न्यायप्रिय होने के साथ दंडाधिकारी भी हैं। वह हमें सही मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा देते हैं। जिससे हम कभी गलत मार्ग पर अग्रसर न हो।

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