स्फटिक ( बिल्लौर ) माला की उपयोगिता और इससे होने वाले लाभ

स्फटिक एक रत्न की तरह होता हैं,(sphatik mala uses) स्फटिक एक पारदर्शी रत्न होता हैं , यह एकदम कांच जैसा और पारदर्शी होता हैं, इसकी विशेषता हैं, की इसे आप कितनी भी देर धूप में रख दे , स्फटिक कभी गरम नहीं होता , यह शीतल स्पर्श ही देता हैं यह स्फटिक ,(sphatik mala uses)की पहचान हैं, स्फटिक से आभूषण भी बनाये जाते हैं. स्फटिक से बने कंगन और हार बहुत सुन्दर होते हैं, और इनकी लोकप्रियता भी बहुत हैं I

sphatik mala originality

sphatik mala uses

स्फटिक माला की वास्तविकता (sphatik mala originality) की जांच करनी हो तो , स्फटिक माला बहुत चमकदार होती हैं, स्फटिक माला के दानो को अँधेरे में यदि आप रगड़े तो इनमे आपस में रगड़ने पर चमक पैदा होती हैं. स्फटिक माला के दाने यदि चमकदार और आपस ,में रगड़ने में चमक पैदा नहीं हो रही हैं, तो समझ जाईये की ये यह वास्तविक स्फटिक नहीं हैं. और अगर वास्तव में यह स्पटिक हैं हैं, तो इसके दाने चमक और स्पार्क करने वाले होंगे.

Sphatik mala uses

स्फ़टिक माला(sphatik mala  uses) जिसे बल्लोर के नाम से भी जाना जाता हैं. एक पारदर्शी रत्न होता हैं. यह रत्न शिव और देवी को अत्यंत प्रिय हैं. यह रत्न , वैभव , धन , सम्पन्नता का प्रतीक हैं. स्फटिक माला को पहनने के फायदे इस प्रकार हैं.

स्फटिक रत्न (sphatik mala benefits) धन ,वैभव में समृद्धि का प्रतीक हैं. इसलिए इसकी विधिवत पूजा करने से इसको धारण करने पर धन , वैभव और सम्पन्नता आती हैं.

घरो में अशांति (sphatik mala side effects) यदि हमेशा बनी रहती हो . तो माँ गौरी के इस मंत्र का जाप              ”ऊॅ गौरये नमः” स्फटिक माला  से करे , और इस माला को धारण करे , घर में सुख , शांति हमेशा बनी रहेगी.

उच्च रक्तचाप कि स्थिति में या जिन व्यक्तियों को क्रोध अधिक आता हो उन्हें भी स्फटिक की माला धारण करनी चाहिए , स्फटिक रत्न शीतल प्रवृति का होता हैं, जिससे जिनका स्वाभाव क्रोधी होता हैं, वे अगर स्फटिक माला धारण करे तो उन्हें अवश्य लाभ होगा .

पति पत्नी की आपस में यदि नहीं बनती हो . दिन रात कलह की स्थिति हो परस्पर प्रेम का अभाव हो तो ऐसी स्थिति में पति पत्नी दोनों को स्फ़टिक की माला धारण करनी चाहिए , जिससे परस्पर प्रेम बना रहे .

”ऊॅ ऐं” सरस्वती के इस मन्त्र का जाप स्फटिक माला (sphatik mala side effects) से करे , इससे व्यक्ति को विद्या के क्षेत्र में अपार सफलता मिलती हैं.

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स्फटिक रत्न शुक्र ग्रह का प्रतीक हैं, इसलिए स्फटिक धारण करने पर शुक्र ग्रह से सम्बंधित दोष दूर होंगे ,

इस माला को पहनने से देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती हैं, घर में सुख , समृद्धि , और सम्पन्नता आती हैं. एक और महत्वपूर्ण बात स्फ़टिक रत्न (sphatik mala uses)पंचमुखी ब्रह्मदेव का ही स्वरुप हैं. स्फटिक माला का उपयोग व्यक्ति को दरिद्रता , और गरीबी से भी दूर करता हैं. स्फटिक रत्न को पहनने से स्वस्थ सम्बन्धी भी अनेक समस्याएं दूर होती हैं.

स्फटिक माला (sphatik mala uses)को धारण करने पर मानसिक शांति मिलती हैं. क्युकी स्फटिक रत्न शीतल प्रवृति का होता हैं. इसलिए इसे पहनने पर सिर दर्द जैसी समस्या भी दूर होती हैं, और स्फटिक को शनिवार के दिन पहनने पर रक्त सम्बन्धी सभी विकार दूर होते हैं.

स्फ़टिक रत्न(sphatik mala uses) स्वस्थ के लिहाज़ से भी बहुत उत्तम रत्न हैं, अत्यधिक बुखार की स्थिति में , सपहतिक माला को पानी से धोकर नाभि के ऊपर रख देने से बुखार काम हो जाता हैं.

स्फटिक माला को विधिवत पूजा करने पर , उसके बाद अपनी तिजोरी में रखने पर व्यापार में बहुत लाभ मिलता हैं.

कई बार देखा गया हैं . की बच्चे पढ़ाई में मन नहीं लगते , या उनका ध्यान पढ़ाई से भटक जाता हैं , ऐसी स्थिति में बच्चो के स्टडी रूम में , या स्टडी टेबल में स्फ़टिक रत्न से बना पिरामिड रख देना चाहिए , जिससे कुछ ही दिनों में उत्तम नतीजे देखने को मिलेंगे .

can ladies wear sphatik mala

 

 

स्फटिक की माला महिलाये (can ladies wear sphatik mala) भी पहन सकती हैं, लेकिन इसे बहुत सावधानी के साथ पहने , खासकर महिलाये जो विवाहित हैं, अगर वे स्फटिक की माला पहनती हैं , तो सोने से पूर्व इसे उतर दे , और स्नान आदि से शुद्ध होकर ही स्फटिक की माला को धारण करे.

sphatik mala mantra

स्फटिक की माला (sphatik mala mantra) का उपयोग प्राचीन समय से ऋषि , मुनि ,ज्ञानी जन करते आ रहे हैं. स्फटिक माला स्वास्थ्य की दृष्टि से एक शीतल रत्न हैं. शीतल प्रवृति का होने के कारण यह क्रोध और उच्च रक्तचाप की समस्या को भी नियंत्रित करता हैं. स्फटिक माला से जुड़े कई मंत्र हैं . और हर मंत्र का अपना उपयोग और महत्व हैं

पहला मंत्र (sphatik mala mantra) माता सरस्वती को समर्पित हैं जिसे सात सोमवार तक 108 स्फटिक के दानो वाली माला से करना चाहिए, ऐसा करने से हर कार्य में सफलता मिलती हैं. मंत्र इस प्रकार हैं.

सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥

लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जाप चार बुद्धवार तक स्फटिक की माला से जाप से करना हैं.

ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी भ्यो नमः

इस मंत्र का जाप करने से लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती हैं.और आर्थिक सम्पन्नता बनी रहती हैं.
उपरोक्त मंत्र का जाप स्फ़टिक माला से करने पर माँ सरस्वती और माँ लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती हैं.

sphatik mala price

स्फटिक माला (sphatik mala price ) बहुत कीमती और आभूषण जनित रत्न होने के कारण इसकी कीमत भी बेशकीमती हैं, स्फटिक रत्न की वास्तविकता हम पहले ही बता चुके हैं, स्फटिक रत्न के दाने बहुत ही चमकदार और स्पार्क करने वाले होंगे . ऑनलाइन वेबसाइट में अगर हम देखे तो अमेज़न में स्फटिक की कीमत 700 रुपया हैं.
स्नेप डील में इसकी कीमत क्रमश 1 ,199 रुपया , 399 रुपया और 217 रुपया हैं,

कीमतों में यह अंतर स्फटिक के गुणों पर भी निर्धारित की गयी हैं. आप जितना बढ़िया लेना चाहेंगे कीमत बढ़ती जाएगी, अब जैसे अमेज़न पर यह 700 रुपया में भी मौजूद हैं और दूसरी तरफ डायमंड की कटिंग वाला स्फटिक
3 ,500 रुपया में भी मौजूद हैं.

बिल्लोर के नाम से प्रसिद्ध स्फटिक रत्न शीतल गुणों से युक्त और चमकदार पारदर्शी प्रवृति का होता हैं, शिव और देवी को विशेष रूप से प्रिय यह रत्न पहनने से माँ लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती हैं. स्फटिक रत्न दरिद्रता दूर करता हैं, और स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओ का भी निवारण करता हैं.

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