Big Blog Items

जानिये काल सर्प योग कारण और प्रभाव !!!kaal sarp dosh nivaran

kaal sarp dosh nivaran काल सर्प योग (kaal sarp yog) को अगर हम साधारण भाषा में परिभाषित करे तो यह हमारे किसी पूर्व जन्म के अपराधों का परिणाम हैं,जो हमारी कुंडली में प्रकट होता हैं.काल सर्प योग व्यक्ति ( kaal sarp dosh nivaran ) को आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाता हैं, इसके अन्य लक्षणों में ...

READ MORE +
शनि दोष और शनि दोष से  निवारण से सम्बंधित उपाय-shani dosha nivarana

shani dosha nivarana शनि ग्रह को सभी ग्रहो में बहुत क्रूर गृह माना गया हैं। शनि (shani dosh)न्याय के देवता माने जाते हैं। एक न्यायप्रिय देवता होने के कारण शनि अच्छे कार्य करने वाले को अच्छा परिणाम और बुरे कार्य करने वालो को बुरा परिणाम देते हैं। शनि न्याय प्रिय, कर्म. धर्म के प्रतीक हैं ।शनि ...

READ MORE +
छठ पर्व  2021 की पूरी जानकारी और विधि : बिहार में इन जगहों पर खूब लोकप्रिय है छठ का त्योहार

सूर्य उपासना के प्रमुख पर्व के रूप में छठ का पर्व बहुत बड़े पर्व के रूप में उत्तर भारत के बिहार, झारखण्ड , नेपाल की तराई और और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता हैं. सूर्य उपासना सूर्य और उनकी पत्नी उषा को समर्पित हैं. सूर्य उपासना का प्रमुख उद्देश्य एक स्वास्थ्य और बीमारी से रहित जीवन की कामना ...

READ MORE +
सांस्कृतिक एकता  का प्रतीक हैं, गणेशोत्सव

गणेश विघ्न हर्ता, और सुख समृद्दिप्रदान करने वाले देव हैं , उनकी पूजा हमारे सारे कष्टों का विनाश करती हैं, और हमें सुख सम्पन्नता देती हैं.गणेश चतुर्थी  (Ganesh chaturthi) का त्यौहार न केवल भारत बल्कि थाईलैंड , कम्बोडिया, इंडोनेशिया ,और नेपाल में भी इसे धूमधाम से मनाया जाता हैं.इस वर्ष गणेश ...

READ MORE +
Kamal Gatta Importance : कमलगट्टे की माला से होगा माँ लक्ष्मी का घर में आगमन

माता लक्ष्मी से जुड़े , और धन प्राप्ति के लिए सहायक प्रतीकों में से एक कमलगट्टे की उपयोगिता (kamal gatta importance) बहुत महत्वपूर्ण हैं. कमलगट्टे की माला सुख वैभव और सम्पन्नता प्रदान करती हैं. कमल को हिन्दू धर्म में माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया हैं. कमल से जुड़े सभी प्रतीकों को माता लक्ष्मी से ...

READ MORE +
स्फटिक ( बिल्लौर ) माला की उपयोगिता और इससे होने वाले लाभ

स्फटिक एक रत्न की तरह होता हैं,(sphatik mala uses) स्फटिक एक पारदर्शी रत्न होता हैं , यह एकदम कांच जैसा और पारदर्शी होता हैं, इसकी विशेषता हैं, की इसे आप कितनी भी देर धूप में रख दे , स्फटिक कभी गरम नहीं होता , यह शीतल स्पर्श ही देता हैं यह स्फटिक ,(sphatik mala uses)की पहचान हैं, स्फटिक से आभूषण ...

READ MORE +
प्रभु श्री राम और देवी दुर्गा के विजय का पर्व हैं दशहरा

अश्विन मास में शुक्ल अक्ष की दशमी तिथि को दशहरा ( Dussehra) का पर्व मनाया जाता हैं. इस पर्व को मनाने के पीछे महतपूर्ण कारण श्री राम की लंका पर विजय थी, रावण को मारकर श्री राम ने धरती को राक्षसों से मुक्त किया ,देवी दुर्गा ने नौ दिन और नौ रात्रि युद्ध करके इस दिन महिषासुर का वध किया था, इसलिए ...

READ MORE +
सुचिन्द्रम मंदिर : त्रिदेव  यहाँ पधारे थे  शिशु रूप में !!!!

सृष्टि के त्रिदेव के रूप में ब्रह्मा ,विष्णु, महेश जी माने जाते हैं, वैसे तो ब्रह्मा , विष्णु और महेश के अनेको मंदिर भारत की भूमि में हैं पर जहा पर त्रिदेव एक साथ विद्यमान हो ऐसी पावन भूमि कन्याकुमारी के नजदीक सुचिन्द्रम (Suchindram Temple) हैं, जहा ब्रह्मा , विष्णु और महेश तीनो देवो की मूर्ति एक ...

READ MORE +
स्वास्थ्य वास्तु और लक्ष्मी कारक हैं गोमती चक्र

एक दुर्लभ वस्तु के रूप में गोमती वस्तु का महत्व (importance of gomti chakra ) बहुत अधिक हैं, गोमती चक्र में निर्मित चक्र प्रकृति की ही देन हैं. गोमती चक्र गोमती नदी में पाए जाने वाले दुर्लभ चक्र हैं, इसमें प्रकृति द्वारा निर्मित चक्र माँ लक्ष्मी के प्रतीक हैं. तंत्र से लेकर वास्तु तक गोमती चक्र का ...

READ MORE +
सुख समृद्धि के लिए फेंग शुई के आसान से उपाय- feng shui to attract money |feng shui tips|

feng shui tips हमारे आस पास के माहौल में दो तरह की ऊर्जा होती हैं, सकारात्मक और नकारात्मक . जहा सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को ऊर्जावान विचारो से भर देती हैं, वही नकारात्मक ऊर्जा रुग्ण विचारो से भर देती हैं.feng shui tips  वास्तुशास्त्र हमारे आस पास की सकारात्मक ऊर्जा को संघटित कर हमें सुरक्षा कवच ...

READ MORE +
भोलेनाथ को चढ़ा दे सबसे प्यारी चीज होगी हर इच्छा पूरी

शिव को अतिप्रिय पत्रों में बिल्व पत्र का महत्व सर्वाधिक हैं. बिल्व पत्ते के तीन पत्ते शिव के तीन नेत्रों के प्रतीक अगर हम कहे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा, शिव को बिल्व पत्र सर्वाधिक प्रिय हैं, शिव को बिल्व पत्र चढ़ाने का महत्व इतना हैं कि व्यक्ति जन्मो के पाप से मुक्त हो शिव कि शरण में चला जाता हैं. ...

READ MORE +
शिव स्तुति से मिलती हैं संकटो से मुक्ति

शिव बहुत जल्दी(importance of shiv stuti) प्रसन्न होने वाले देव हैं, इसलिए ही उन्हें आशुतोष कहा जाता हैं. अनेक धर्मग्रथों में शिव से संबंधित अनेक स्तुतियाँ हैं, पर श्री राम के द्वारा रचित जो स्तुति हैं , जो रुद्राष्टकम के नाम से श्रीरामचरितमानस में वर्णित हैं, वह अपने आप में एक बहुत ही मधुर और ...

READ MORE +
Mereprabhu
Logo
Enable registration in settings - general