Temple
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धर्म और आध्यात्म का केंद्र हैं महाबोध गया मंदिर
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महाबोधि विहार ,( Mahabodhi Temple) या महाबोधि के नाम से विख्यात प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर हैं, जो बोधगया में स्थित हैं, यही वह स्थान हैं जहा महात्मा बुद्ध को ज्ञान ...

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सभी धर्मो के लिए आस्था का  प्रतीक हैं : स्वर्ण मंदिर
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स्वर्ण मंदिर या golden temple  के नाम से मशहूर दरबार साहिब की ख्याति पूरे विश्व में में हैं. न केवल भारत बल्कि विदेशो से भी लोग स्वर्ण मंदिर देखने आते हैं, ...

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Prem Mandir -कृष्ण का अलौकिक और दर्शनीय स्थल हैं!!
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भगवान krishna को पूर्णावतार कहा गया हैं. भगवान विष्णु के नौ अवतारों में भगवान कृष्ण प्रेम , ज्ञान, राजनीति ,वीरता ,का अद्भुत समावेश हैं. कृष्ण की इन्ही पूर्ण ...

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भगवान विष्णु जहाँ पितृ देव के रूप में प्रदान करते हैं मोक्ष
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भगवान विष्णु (  Vishnupad Temple Gaya ) के अनेक धाम और मंदिर समूचे भारतवर्ष में हैं, इन्ही में से एक मंदिर हैं जो विष्णु के चरण चिन्हो की वजह आस्था और विश्वास ...

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शक्तिपीठो में एक हैं  माँ चामुंडेश्वरी का पावन धाम
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भारतीय संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं यहाँ की सभ्यता और संस्कृति , और संस्कति और सभ्यता को एक जीवंत रूप प्रदान करते हमारे मंदिर जो हमारी समृद्ध और ...

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तैतीस करोड़ देवी देवताओ का प्रतीक हैं पाताल भुवनेश्वर की गुफा
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देवभूमि उत्तराखंड को (Patal Bhuvaneshwar Uttrakhand) यही देवभूमि नहीं कहा जाता हैं.देवो की भूमि कही जाने वाली यह धरा विभिन तीर्थस्थानो , से सुशोभित हैं, बद्री ...

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मेहंदीपुर वाले बालाजी दूर करेंगे आपके सभी कष्टों को
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हनुमान जी के कई मंदिर देश में स्थित हैं , पर दिव्य शक्ति से प्रकाशित राजस्थान(shri Mehandipur Balaji Mandir Mehandipur, Rajasthan)  में स्थित दौसा में ...

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मुरुद्वेश्वर स्थित  शिव के आत्मलिंग का बहुत बड़ा महत्व
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दक्षिण भारत मंदिरो और और मंदिरो से सम्बंधित वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं जितनी सुन्दर और भव्य कला वह स्थित मंदिरो की हैं वैसी शिल्पकला विश्व में कही देखने को ...

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भारतीय सैनिको की आस्था का केंद्र हैं तनोट माता का मंदिर
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हिंगलाज भवानी के ही एक रूप में माता तनोट (Tanot mata mandir )का ही रूप विद्यमान हैं,माता तनोट रानी का मंदिर जैसमलेर से 130 किलोमीटर दूर स्थित हैं,  हिंगलाज ...

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आस्था और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक हैं देवी मोकाम्बिका का मंदिर
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दक्षिण के प्रमुख तीर्थस्थानों में से एक देवी मुकाम्बिका का मंदिर  (Mookambika temple history) मैंगलोर से 147 किलोमीटर दूर स्थित हैं.कोल्लूर में स्थित इस मंदिर ...

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दक्षिण का कैलाश हैं मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग
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श्री शैलम ज्योतिर्लिंग को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (Information of Mallikarjuna Jyotirling )ले नाम से भी जाना जाता हैं.यहाँ शिव की आराधना मल्लिकार्जुन के रूप ...

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कन्याकुमारी मंदिर :अध्यात्म और पर्यटन का केंद्र
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कन्याकुमारी ( Kanyakumari Temple )तमिलनाडु राज्य में स्थित पर्यटन और अध्यात्म का का एक सुन्दर शहर हैं. तीन सागरों के संगम से घिरा हुआ कन्याकुमारी अपने पौराणिक ...

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