जाने वे 7 महत्वपूर्ण बाते जो द्रोपदी ने बताई थी वासुदेव श्री कृष्ण की पत्नी को !

सिर्फ एक स्त्री ही दूसरी स्त्री को भली भाँति समझ सकती है. यह सिर्फ एक कहावत नहीं है क्योकि हमारे हिन्दू धर्म की पौराणिक कथाओ में भी इस बात के अनेक प्रमाण मिलते है.

स्त्रियों के विषय में ऐसी ही एक कथा प्रसिद्ध काव्य ग्रन्थ महाभारत से भी मिलती है, जिसमे पांचाल नरेश की पुत्री द्रोपदी ने श्री कृष्ण की पत्नी स्तयभामा को स्त्रियों के बारे में 7 ऐसी बाते बताई जिन्हे स्त्रियाँ अपने जीवन में अपनाकर न केवल अपने आप को बल्कि अपने सभी परिवार को प्रसन्न रख सकती है.

इसके साथ है कुछ काम ऐसे भी है जिन्हे विवाहित स्त्रियों के लिए वर्जित भी बताया गया है.

1 . द्रोपदी ने सत्यभामा को उन सात महत्वपूर्ण बातो को बताते हुए पहली बात कही की स्त्रियों को बार बार दरवाजे तथा खिड़की के सामने खड़ा नहीं होना चाहिए. स्त्री द्वारा ऐसा करने से समाज में उसकी छवि धूमिल होती है. तथा इसके साथ ही पराये लोगो से व्यर्थ बात नहीं करनी चाहिए.

2 . यह महत्वपूर्ण बात स्त्रियों को सदैव अपने ध्यान में रखना चाहिए की वे अपने परिवारिक रिश्तों को याद रखे. क्योकि हर एक विवाहित स्त्री के लिए ऐसा करना आवश्यक है यदि वह अपने परिवार से जुड़ा एक भी रिश्ता भूलती है तो यह बात परिवारिक संबंध बिगाड़ सकता है.

एक परिवार को दूसरे परिवार से जोड़े रखने के लिए रिश्तों की अहमियत बहुत अधिक है और यह रिश्ते बहुत नाजुक होते है व एक स्त्री का रिश्तों को कायम बनाये रखें में महत्वपूर्ण योगदान होता है.

3 . पुराणों एवं गर्न्थो में कहा गया है की क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु होता है, तथा यह बात बिलकुल सत्य है. विवाहित स्त्री को ख़ास तोर पर अपने क्रोध पे काबू रखना चाहिए, क्योकि क्रोध के कारण वह अपना वैवाहिक जीवन खतरे में डाल सकता है.

तथा यह अनेक परेशनियों का कारण भी बन सकता है. अतः स्त्रियाँ सदैव अपने क्रोध को संयम में रखे तथा समझदारी से काम ले.