हनुमान अष्टमी की पूजा में रखे इन बाते का ध्यान… बेड़ा पार लगाएंगे संकटमोचन

आज हम आपको हनुमान अष्टमी के बारे में बताएँगे ..28 दिसम्बर बुधवार को हनुमान अष्टमी मनाई जायेगी. यदि बजरंगबली की पूजा विधि-विधान से की जाए तो वे खुश होकर हमे सफल होने का वरदान देते हैं।

लेकिन हनुमान जी की पूजा में कुछ विशेष नियमो का ध्यान रखना होगा

हनुमानजी की पूजा से पहले भगवान राम की पूजा करना न भूलें, अन्यथा आपका मंत्र जाप और सारी पूजा व्यर्थ हो जाएगी।

पूजा करने वाले लोगों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। उन्हें अपनी पत्नी के अतिरिक्त अन्य सभी स्त्रियों को माता, बहन या पुत्री की नजर से ही देखना चाहिए।

हनुमानजी के साधना काल में कभी किसी का बुरा न करें, यथासंभव दूसरों का भला करने का प्रयास करें। साधना के दौरान कभी किसी पशु, निर्बल, स्त्री अथवा अन्य किसी को शारीरिक, मानसिक या अन्य किसी प्रकार की पीड़ा न दें।

बजरंग बलि की पूजा के दौरान पूरे समय देसी घी का दीपक जलते रहना चाहिए।

हनुमान जी की पूजा में “ॐ हनुमंते नमः ” मंत्रजाप करे.. लेकिन ध्यान रहे की मंत्रजाप करते समय केवल रूद्राक्ष अथवा तुलसी की ही माला का प्रयोग करें।

बजरंग बली की पूजा में कभी आक के पत्ते, धतूरा आदि नहीं चढ़ाने चाहिए।

हनुमानजी की पूजा के दौरान उनकी प्रतिमा को सिंदूर का चोला चढ़ाना चाहिए, साथ ही उन्हें पुष्पों की माला, पान, जनेऊ, सुगंध आदि अर्पित करें।

पूजा के बाद बजरंग बली को मीठे मखाने या लड्डू का प्रसाद चढ़ाना न भूलें।

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