hanuman jayanti 2021 हनुमान जयंती 2021

hanuman jayanti 2021 हनुमान जयंती 2021 

हनुमान जी का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा को ( hanuman jayanti 2021 ) मंगलवार के दिन हुआ. भक्तो की विपत्ति को हरने के लिए ही हनुमान जी इस धरती में अवतरित हुए तथा आज भी कलयुग में वे भक्तो को सत्मार्ग दिखा रहे है तथा उनकी मदद कर रहे है.

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार कई वर्ष पूर्व अनेक देवीय आत्माओ ने मनुष्य रूप में इस धरती में जन्म लिया था. परन्तु कुछ दिव्य आत्माओ ने पशु पक्षी के रूप में भी इस धरती पर जन्म लेकर hanuman jayanti 2021 इस धरती में से पाप को नष्ट किया. त्रेतायुग में वानर को प्रस्तुत करने के लिए हनुमान जी अवतरित हुए , हनुमान जी तथा उनकी सेना सिंदूरी रूप के थे. जिनका रामयण से पहले धरती पर जन्म हुआ था.

हनुमान जी से कुछ विशेष मान्यता hanuman jayanti 2021

हिन्दू मान्यता के अनुसार हनुमानजी hanuman jayanti 2021 सिन्दूरी अथवा केसर वर्ण के थे , इसीलिए हनुमानजी की मुर्ति को सिन्दूर लगाया जाता है. पूजन विधि के दौरान सीधे हाथ की अनामिका ऊँगली से हनुमानजी की प्रतिमा को सिन्दूर लगाना चाहिए।

हनुमानजी hanuman jayanti 2021 को केवड़ा, चमेली और अम्बर की महक प्रिय है , इसलिए जब भी हनुमानजी को अगरबत्ती या धूपबत्ती लगानी हो, तो इन महक वाली ही लगाना चाहिए, हनुमानजी जल्दी प्रसन्न होंगे. अगरबत्ती को अंगूठे तथा तर्जनी के बीच पकड़ कर , मूर्ति के सामने 3 बार घडी की दिशा में घुमाकर, हनुमानजी की पूजा करना चाहिए.

वैसे तो भक्त हर दिन अपने भगवान को पूजा सकते है, लेकिन हिन्दू धर्म में विशषकर महारष्ट्र प्रांत में मंगलवार को हनुमानजी hanuman jayanti 2021 का दिन बताया है, इसलिए इस दिन हनुमाजी की पूजा करने का विशेष महत्व बताया है.

भारत के अलग अलग राज्यों में मंगलवार के साथ साथ शनिवार का दिन भी हनुमानजी के जन्मदिन के रूप में माना जाता है , और इसलिए दोनों दिनों का विशेष महत्व है. भक्तगण इन दिनों में हनुमान hanuman jayanti 2021 चालीसा सुंदरकांड आदि का पाठ कराते है. इस दिन हनुमान जी मूर्ति पर तेल व सिंदूर चढ़ाने का प्रावधान है.

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