दशानन रावण के भाई कुम्भकर्ण का अनसुना राज, यह था छः महीने सोने का वास्तविक कारण !

पुष्पक विमान का वर्णन भी रामायण में आता है जिसका निर्माण कुम्भकर्ण अपने ज्येष्ठ भ्राता रावण के लिए किया था.

कुम्भकर्ण का बल :-
कुम्भकर्ण ज्ञानी होने के साथ अत्यधिक बलवान भी था उसके बल के संबंध में रामायण में लिखा गया है की
अतिबल कुंभकरन अस भ्राता. जेहि कहुँ नहिं प्रतिभट जग जाता.
करइ पान सोवइ षट मासा. जागत होइ तिहुँ पुर त्रासा.
अर्थात कुम्भकर्ण के में इतना बल था की पुरे जगत में उसका कोई सामना नहीं कर सकता था. वह मदिरा पीकर छः महीने सो जाता था परन्तु जब वह सोकर उठता था तो पुरे जगत में हाहाकर मच जाता था.

रावण दवारा सीता हरण के बाद जब राम और रावण के मध्य प्रलयंकारी युद्ध चल रहा तो उस युद्ध में रावण के अनेक योद्धा मारे गए तब रावण ने अपनी सेना के नेतृत्व के लिए कुम्भकर्ण को जगाया. क्योकि कुम्भकरण छः महीने से सोया हुआ था इस कारण वह राम-रावण युद्ध के बारे में कुछ नहीं जनता था.

जब रावण ने उसे जगा कर पूरी बात बताई तथा युद्ध स्थल में जाकर राम से युद्ध करने का आदेश दिया तो कुम्भकर्ण युद्ध में जाने से पूर्व दुखी होकर रावण से बोला.
जगदंबा हरि आनि अब सठ चाहत कल्यान.
अर्थात कुम्भकर्ण रावण से बोलता है की अरे मुर्ख तूने माँ जगदम्बा का हरण किया है और अब तू अपने कल्याण की बात कर रहा है ?

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