लगातार 7 दिन जपा हनुमान जी का मूल मंत्र और हुआ कुछ ऐसा की...

कहते है की जो व्यक्ति हनुमान जी की सच्चे मन से भक्ति करता है हनुमान जी उसकी सभी परेशानी पल भर में दूर कर देते है और कुछ ऐसा ही हुआ सुरेश बस्तौला के साथ। सुरेश बस्तौला जी एक सामान्य परिवार से है. बात करीब 6 साल पहले की है जब सुरेश जी किराये के मकान में रहते थे और अक्सर सुरेश जी और उनकी पत्नी के बीच में छोटी लड़ाईया हो जाया करती थी.

सुरेश बस्तौला जी एक सामान्य परिवार से है. बात करीब 6 साल पहले की है जब सुरेश जी किराये के मकान में रहते थे. अक्सर सुरेश जी और उनकी पत्नी के बीच में छोटी लड़ाईया हो जाया करती थी. दरअसल इसका कारण यह था की मकान के मालिक हमेशा कभी पानी के लिए तो कभी कोई छोटी मोटी बातो पर सुरेश जी की पत्नी को डाट दिया करते थे और फिर पत्नी सुरेश जी पर बरस पड़ती थी की आखिर आप अपना मकान क्यों नहीं लेते.

एक दिन सुरेश जी ने कुछ यह निश्चित किया की अब बहुत हुई मकान मालिक की झिक झिक और उन्हें हर हाल में अपना घर लेना ही है. सुरेश जी ने अपनी बीबी को यह बात बताई और बोला की कुछ तो मेरे पास सेविंग है कुछ तुम्हे अपने जेवर गिरवी रखने होंगे. अपना मकान होने के बाद में तुम्हारे जेवर छुड़वा लूंगा. सुरेश जी की पत्नी भी अपना घर चाहती थी इसलिए वह इस बात के लिए राजी हो गई.

सुरेश जी जमीन खरीदने के लिए एक प्रॉपर्टी डीलर के पास गए और उन्हें एक जमीन पसंद भी आ गयी जिसका सौदा 14 लाख में तय हुआ. सुरेश ने इकरानामा कराते हुए साढे़ 6 लाख रुपये बतौर एडवांस दे दिए। 

वो कहते है ना विनाश काले विपरीत बुद्धि. बगैर किसी जांच के उन्होंने उस प्रॉपर्टी डीलर पर भरोसा किया परन्तु उस प्रापर्टी डीलर ने सुरेश जी के साथ धोखा कर दिया और वह प्रॉपर्टी डीलर पैसे लेकर फरार हो गया.

दोस्तों जब मेहनत की कमाई जाती है तो बहुत दुःख होता है. सुरेश ने पुलिस में रिपोर्ट तो करा दी पर इस जमाने में केवल पैसो वालो को अधिक तवज्जो दी जाती है. 

सुरेश कुछ दिन भटकते रहे कभी थाने में तो कभी उस प्रॉपर्टी डीलर की दूकान में. सबसे ज्यादा दुःख तो उन्हें अपनी पत्नी के लिए हो रहा था.

एक दिन सुरेश जी हमेशा की तरह इंटरनेट चला रहे थे और उन्हें हनुमान कवच का एक पोस्ट दिखा जिसमे हमने हनुमान जी की भक्ति की महिमा और उनके शक्तिशाली कवच के बारे में बताया था जिसे देख वो काफी प्रभावित हुए. सुरेश जी को लगा की शायद हो सकता है की भगवान् का यही संकेत है और उन्होंने हनुमान जी का कवच लाकेट मंगा लिया और मंगलवार के दिन विधि पूर्वक पूजा पाठ कर हनुमान जी का कवच अपने गले में धारण कर लिया और हनुमान जी के मूल मंत्र का जाप करना शुरू कर दिया.

सुरेश जी को हनुमान जी की भक्ति पर यकीन था और कहते है ना भक्ति में बहुत शक्ति होती है. कवच का असर केवल हफ्ते भर में ही हुआ सुरेश जी के साथ हुआ. दरअसल सुरेश जी के इलाके में एक नए डीएम की नियुक्ति हुई. वे काफी ईमानदार और अपने ड्यूटी को पूरी निष्पक्ष्ता से निभाने वाले इंसान थे. जब डीएम के सामने सुरेश जी का केस आया तथा उन्हें पता चला की वह प्रॉपर्टी डीलर सुरेश जी की तरह ही उस शहर के अनेक लोगो को बेवकूफ बना चुका है तो उन्होंने तुरंत करवाई आरम्भ कराई और अपने नीचे के अफसरों को डाट लगाई .

 

आनन फानन में पुलिस ने उस प्रॉपर्टी डीलर को पकड़ लिए गया तथा सुरेश जी को उसके द्वारा ठगी हुई अपनी रकम वापस मिली. अब सुरेश जी ने जांच पड़ताल कर ही एक जमीन ली और बहुत जल्दी वहा घर भी बना लिया. आज सुरेश बस्तौला जी अपनी बीबी के साथ खुद के मकान में रहते है.

दोस्तों कुछ लोगो को यह कहानी बिलकुल झूठी या अन्धविश्वास लगेगी लेकिन जब भगवान् की कृपा बरसती है तो उसके सामने विज्ञान भी फेल हो जाता है और कृपा किसी भी माध्यम या रूप में हो सकती है. आज आप इस कहानी को पढ़ रहे है हो सकता है की यही आपके लिए भगवान् का संकेत हो. ऐसी है हनुमान जी तथा उनके कवच की महिमा. जो भी भक्त इसे अपने गले में धारण करता है हनुमान जी स्वयं उसकी रक्षा करते है. 

हनुमान कवच अष्ट धातु से निर्मित होता है लोगो की जितनी भी नेगटिव एनर्जी, बुरी नज़र आप होती है उस सभी को यह आप तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर देता है. शस्त्रो के अनुसार हनुमान कवच मंत्रो के माध्यम से ही भगवान श्री राम रावण जैसे महाशक्तिशाली का वध कर पाए थे. हनुमान कवच को हमारे ज्ञानी पंडितो द्वारा सिद्ध किया गया है जैसा की आप नीचे वीडियो में देख सकते है।

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