शनि की आयु पर शुभ दृष्टि हर बला से बचाए

shani dev ki mahima

shani dev ki mahima  :

शनि जहाँ मारक है, वहीं मोक्ष का दाता भी है। शनि जहाँ उम्र बढ़ाता है, वहीं काल के गाल में समा लेता है। शनि की शुभ स्थिति मौत से भी खींच लाती है। किसी ने सच ही कहा है- ‘जाको राखे साईयाँ मार सके न कोय, बाल न बाँका कर सके चाहे जग बेरी होय।’ यह कहावत हमने साक्षात एक टीवी चैनल पर देखी। पाँच वर्षीय प्रिंस को 50 घंटों की अथक मेहनत व सेना के बुलंद हौसले ने 60 फुट गहरे व सँकरे गड्ढे यानी मौत के मुँह से बाहर को निकाला।

यह घटना कुरुक्षेत्र के निकट हल्दीहेड़ा गाँव में हुई। इसी प्रकार इंदौर में भी 20 फुट गहरे गड्ढे में गिरे बालक को सकुशल बचा लिया गया। इसी तरह लातुर में भीषण भूकम्प में एक नन्ही बालिका बच गई थी। ऐसी अनेक चमत्कारिक घटनाएँ सामने आती रहती हैं। इसे ईश्वर की सत्ता व ग्रहों का प्रभाव ही कहें कि जो मौत के मुँह से खींच लाती है। आइए जानें ऐसे कौन से ग्रह हैं, जो मौत से बचा लाते हैं व ऐसे कौन से ग्रह हैं, जो घर के डांडे से भी मृत्यु तक ले जाते हैं।

shani maharaj ki mahima :

शनि जहाँ मारक है, वहीं मोक्ष का दाता भी है। शनि जहाँ उम्र बढ़ाता है, वहीं काल के गाल में समा लेता है। शनि की शुभ स्थिति मौत से भी खींच लाती है। किसी ने सच ही कहा है- ‘जाको राखे साईयाँ मार सके न कोय, बाल न बाँका कर सके चाहे जग बेरी होय।’

जिसकी आयु लंबी हो, उसे कोई नहीं मार सकता। जिसके हाथ में जैसी मौत लिखी होती है, वैसे ही उसकी मौत होती है। हाँ, यदि पूर्व में कुछ ग्रहों का आभास हो जाए तो मृत्यु को आसान बनाया जा सकता है। यानी कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। आयु का निर्णय अष्टम भाव में बैठे ग्रह व अष्टम भाव पर पड़ने वाली दृष्टियाँ एवं द्वितीयेश व सप्तमेश की स्थिति जानकर किया जा सकता है। जब-जब द्वितीयेश की महादशा में सप्तमेश का अंतर और अष्टमेश का प्रत्यन्तर आ जाए, तो आयु को खतरा होता है।