शनि देव की पूजा में सिर्फ एक इस उपाय को अपनाये, घर भर जाएगा सुख एवं धन से ! shani dev ko prasan karne ke upay

shanidev

हिन्दू धर्म में शनि देवता को दण्डाधिकारी बतलाया गया है, परन्तु अगर वास्तव में देखा जाए तो shanidev व्यक्ति को उस दिशा की ओर अग्रसर करते है जहां से व्यक्ति आसानी से भगवान को प्राप्त कर सकता है व मोक्ष पा सकता है.

shanidev व्यक्ति को अच्छे क्रम करने की प्रेरणा देते है परन्तु जब मनुष्य मार्ग भटक जाता है तथा बुरे कर्म की ओर चल पड़ता है तो उसे सही राह दिखाने के लिए शनि देव उसे दंड अथवा अन्य प्रकार से सही मार्ग में लाते है.

शनि देव के बारे में कहा जाता है की यदि वे किसी पर प्रसन्न हो जाए तो उस व्यक्ति का भाग्य चमक जाता है, तथा उसका घर सुख सम्पति से भर जाता है. परन्तु वही यदि शनिदेव किसी व्यक्ति पर क्रोधित हो जाए तो या उनकी कु दृष्टि किसी व्यक्ति पर पड़ जाए तो वह व्यक्ति पल भर में रंक बन सकता है.

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अपनाए कुछ उपाय ..

  • घोड़े की नाल से बनी रिंग को भी अपनी ऊँगली मे पहने
  • शनि का शनि यन्त्र धारण कर ले
  • घोड़े की नाल का भी प्रयोग करे।

आज हम आपके लिए shanidev की पूजा से सम्बन्धित एक ऐसा उपाय लेकर आये है जिसका प्रभाव किसी भी हाल में चुकता नहीं. यह निश्चित है की यह विधि कार्य करेगी परन्तु शर्त यह है की पूजा पुरे आस्था एवं विधि विधान के साथ होनी चाहिए.

शनिवार के दिन इस पूजा को करे तथा यह अन्य किसी भी प्रकार के शनि दोष से मुक्ति दिलाता है व व्यक्ति सफलता, सौभाग्य, सुख आदि को प्राप्त होता है.

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शनि देव की पूजा विधि :-

1 . शुक्रवार के दिन दो मुट्ठी के लगभग काले चने को पानी में भिगोने के लिए डाल दे. शनिवार के दिन उस काले चने, एक जला हुआ कोयला तथा एक लोहे का टुकड़ा एक काले कपडे में बाँध ले. पोटली को सिर्फ उस नदी में फेके जिसमे मछलियां हो. इस प्रक्रिया को सिर्फ एक साल तक दोहराये व इस हर शनिवार को करे. इससे शनि के द्वारा उतपन्न हुई हर प्रकार की बाधा दूर हो जायेगी.

2 .इस तरीके से भी आप shanidev को प्रसन्न रख सकते हैं, घोड़े की नाल शनिवार को किसी लोहार के यहां से इसे अंगूठी की तरह बनवा लें. शुक्रवार की रात इसे कच्चे दूध या साफ पानी में डूबा कर रख दें. शनिवार की सुबह उस अंगूठी को अपने बाएं हाथ की मध्यमा में पहन लें. यह आपको तत्काल परिणाम देगा .

3 . शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के चारों ओर सात बार कच्चा सूत लपेटें इस दौरान शनि मंत्र का जाप करते रहना चाहिए, यह आपकी साढ़ेसाती की सभी परेशानियों को दूर ले जाता है. धागा लपेटने के बाद पीपल के पेड़ की पूजा और दीपक जलाना अनिवार्य है. साढ़ेसाती के प्रकोप से बचने के लिए इस दिन उपवास रखने वाले व्यक्ति को दिन में एक बार नमक विहीन भोजन करना चाहिए .

4 . shanidev को आप काले रंग की गाय की पूजा करके भी प्रसन्न कर सकते हैं. इसके लिए आपके गाय के माथे पर तिलक लगाने के बाद सींग में पवित्र धागा बांधना होगा और फिर धूप दिखानी होगी. गाय की आरती जरूर की जानी चाहिए. अंत में गाय की परिक्रमा करने के बाद उसको चार बूंदी के लड़्डू भी खिलाएं. यह शनिदेव की साढ़ेसाती के सभी प्रतिकूल प्रभावों को रोकता है .

5 .सरसो का तेल शनि देव को बहुत प्रिय है, शनि को खुश करने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करे और उस पर सरसो का तेल चढाये. शास्त्रो में बतलाया गया है की सूर्योदय से पूर्व पीपल के पेड़ की पूजा करने पर शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते है.

6 . शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे एक सरसो के तेल का दीपक जलाये . व पीपल के पेड़ की सात परिक्रमा लगाए इसके बाद पूजा करे . फिर किसी काले कुत्ते को शनि देव का नाम लेकर लड्डू खिला देना. घर की सारी नकरात्मक ऊर्जा दूर हो जायेगी तथा घर परिवार एक अनोखे सकरात्मक ऊर्जा को आप महसूस करोगे.

7 . शनिवार के दिन आप अपने हाथ से 19 गुणा एक लम्बा काला धागा ले तथा इसे काला धागे को शनि देव की मूर्ति से छुवाकर अपने गले में धारण कर ले हर प्रकार की विपाद से सदैव आप बचे रहेंगे व आर्थिक स्थिति में भी सुधार दिखने को मिलेगा.

8 . शनिवार के दिन रोज 48 दिनों तक सूर्य देव के निकलते समय शनि देव पर तेल चढाये परन्तु ध्यान रखे की इस प्रक्रिया का आरम्भ शनिवार के दिन ही होना चाहिए. इस प्रक्रिया के माध्यम से जल्द ही सकरात्मक परिणाम आप को देखने को मिलेंगे तथा हर प्रकार का शनि दोष इससे समाप्त हो जाता है.

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