तुलसी पूजा और उससे होने वाले फायदे

एक आध्यात्मिक और आयुर्वेद के रूप तुलसी का पौधा एक बहुत गुणकारी औषधि हैं. तुलसी का पौधा न केवल आध्यात्मिक शांति के लिए , बल्कि घर को प्रदुषण और ,मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए भी तुलसी का पौधा बहुत गुणकारी होता हैं.

तुलसी का पौधा जिस घर में भी होता हैं. वहाँ त्रिदेव निवास करते हैं.तुलसी के पौधे की नियमित रूप से पूजा करने वाला महापापी व्यक्ति भी पवित्र हो जाता हैं. तुलसी के पत्ते के बिना किसी भी प्रसाद या चरणामृत का कोई महत्व नहीं हैं. विष्णु भगवान की पूजा में तुलसी का प्रयोग ही विष्णु पूजा को सफल बना देता हैं.

 

Tulsi pooja Mantras

तुलसी की पूजा का हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्व हैं, तुलसी की पूजा में इन मंत्रो ( Tulsi pooja mantras ) का जाप करने से घर में , सुख , शांति और वैभव आता हैं.तुलसी की पूजा से अकाल मृत्यु का शोक नहीं हो हैं. तुलसी की पूजा करते समय जब उसे जल अर्पित करे , तो इस मन्त्र का जाप करे,

महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी 
आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।I

तुलसी की pooja करने के दौरान इस मंत्र का जप करते हुए उनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए.

देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।

धन , वैभव , सुख, सम्पदा की प्राप्ति के लिए इस मन्त्र का जाप सर्वाधिक उपयुक्त हैं.

वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।
य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।

Tulsi Puja Benefits

तुलसी न केवल पूजा अर्चना बल्कि यह स्वस्थ्य की दृष्टि से भी बहुत उत्तम है, तुलसी के पत्ते (tulsi puja benefits)आयुर्वेद चिकित्सा में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं. आइये जानते हैं तुलसी के लाभदायक तत्वों के बारे में.

1- तुलसी में आरोग्यदायक तत्व होते हैं, जो मानव को एकाग्र, बनाते हैं. तुलसी को संजीवनी के समान माना गया हैं,

2- तुलसी की पूजा से घर में सौभाग्य, वैभव और सम्पन्नता आती हैं. क्युकी तुलसी को लक्ष्मी स्वरुप माना गया हैं.

3- तुलसी के पत्ते में अमृत समान गुण हैं. तुलसी की पूजा करने से महापापी के भी पाप समाप्त हो जाते हैं.

4- प्रसाद में तुलसी के पत्तो का होना आवश्यक हैं , जिस प्रसाद (कसार ) में तुलसी के पत्ते नहीं होते, उसे भगवान् भी स्वीकार नहीं करते हैं.

5- विष्णु की पूजा में तुलसी का महत्वपूर्ण स्थान हैं, कोई नैवेद्य , चरणामृत न भी हो , केवल तुलसी को ही अर्पित कर देने से विष्णु पूजा सफल और पूर्ण हो जाती हैं.

Tulsi Puja on Sunday

तुलसी के महत्व (Tulsi puja on Sunday) का बखान विष्णु पुराण में निहित हैं. तुलसी का पौधा जिस भी घर में हो, उस घर में सुख ,शांति , समृद्धि , हमेशा बनी रहती हैं. विष्णु पुराण में तुलसी के महत्व का वर्णन करते हुए लिखा हैं कि एकादशी, (can we pluck Tulsi leaves on ekadashi )द्वादशी, संक्रांति ,सूर्य ग्रहण , चंद्र ग्रहण के दिन और सूर्यास्त के पश्च्यात तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. ऐसी मान्यता हैं, कि माता तुलसी एकादशी का व्रत करती हैं, इसलिए एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए .

एकादशी के अलावा रविवार(Tulsi puja on Sunday) का दिन भी बहुत महत्वपूर्ण हैं , इस दिन भी माता तुलसी के पत्तो को नहीं तोड़ना चाहिए , क्युकी रविवार का दिन विष्णु को प्रिय हैं , ऐसे में लक्ष्मी स्वरूपा माँ तुलसी को तोड़ना विष्णु का अपमान करने जैसा हैं.

किसी भी प्रसाद में तुलसी के पत्तो का प्रयोग आवश्यक हैं, बिना तुलसी के पत्तो के प्रसाद अपूर्ण माना जाता हैं. इसलिए , चरणामृत हो या कसार प्रसाद उसे बनाने के बाद उसमे तुलसी के पत्ते अवश्य डाले .

Everyday Tulsi puja at Home

तुलसी का महत्व हिन्दू धर्म में सर्वाधिक हैं, इसलिए तुलसी के पौधे हिन्दू घर की विशेषता होती हैं. और प्रतिदिन तुलसी के पौधे की सुबह( everyday Tulsi puja ) सायंकाल पूजा होती हैं.तुलसी को लक्ष्मी का स्वरुप भी माना गया हैं , इसलिए जिस घर में तुलसी की पूजा होती हैं, वहाँ देवी लक्ष्मी सदैव निवास करती हैं.

तुलसी को विष्णुप्रिया भी कहा गया हैं. प्राचीन धर्म ग्रंथो में विष्णु और तुलसी को पति पत्नी के रूप में माना गया हैं, इसलिए हर वर्ष कार्तिक मास की एकादशी को तुलसी और शालिग्राम ( विष्णु का शिला स्वरुप ) का विवाह किया जाता हैं, तुलसी शालिग्राम विवाह की हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता हैं .

तुलसी की पूजा करते हुए , सर्वप्रथम उन्हें जल अर्पित करे, इसके पश्च्यात उन्हें सिन्दूर चढ़ाये , और घी के दीपक से उनकी आरती करे . इसके पश्च्यात हाथ जोड़कर तुलसी का ध्यान करते हुए उनसे घर की सुख , समृद्धि के लिए प्रार्थना करे .

Best Day to Plant Tulsi at Home

तुलसी के पौधे का घर में होना . स्वास्थ्य , वास्तु आदि की दृष्टि से तुलसी का पौधा बहुत गुणकारी हैं. तुलसी के पौधे के घर में होने से लक्ष्मी , और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता हैं.(best day to plant tulsi at home) तुलसी के पौधे को वैसे मई – जून – जुलाई में किसी भी विशेष दिन लगा सकते हैं.

लेकिन ये बात भी जरुरी हैं की तुलसी का पौधा किसी महत्वपूर्ण दिन ही लगाना चाहिए. शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को या किसी भी माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि का दिन तुलसी का पौधा लगाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन होता हैं.

तुलसी के पत्ते को कभी चबाना नहीं चाहिए , उन्हें निगल लेना चाहिए , तुलसी के पत्ते में पारा के तत्व विद्यमान होते हैं. जो की दाँतो के लिए नुकसानदेह होते हैं, तुलसी के पत्ते में , रोगनिरोधक क्षमता होती हैं, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं. सामान्य बुखार में तुलसी की पत्तिया बहुत फायदेमंद होती हैं.

Tulsi Vivah for Manglik

तुलसी विवाह मांगलिक दोषो (tulsi vivah for manglik) को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय हैं, मांगलिक दोषो में यदि लड़का मंगली हो उसे विवाह से पूर्व तुलसी के साथ विवाह करना चाहिए ,क्यकि तुलसी से विवाह करने से सारा मंगल दोष तुलसी पर पर चला जाता हैं,

और यदि लड़की में मंगल दोष हो, तो उसके विवाह से पूर्व विष्णु से अथवा केले के पेड़ के साथ उसके सात फेरे कर देने चाहिए . इसके अलावा 28 वर्ष के पश्च्यात भी विवाह कर देने से मंगल का दुष्प्रभाव समाप्त हो जाता हैं. इस [प्रकार इन उपायों को अपनाने से मंगल के दोष का भय नहीं रहता हैं.

 

tulsi pooja for early marriage

यदि विवाह में देरी हो रही हो तो घर में तुलसी का पौधा लगाए , और प्रतिदिन उसमे घी का दीपक जलाये , शीघ्र विवाह के लिए तुलसी की पूजा करना ,पवित्र और पुज्य्नीय माना गया हैं. इसलिए शीघ्र विवाह की इच्छित कामना लिए कन्या को प्रतिदिन तुलसी की पूजा करनी चाहिए .

हिन्दू धर्म में तुलसी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान हैं , लक्ष्मी स्वरूपा तुलसी घर में वैभव , सुख, संपत्ति , और आध्यात्मिक शांति लाती हैं. जिस घर में तुलसी का पौधा हो, वहाँ त्रिदेव ,और माँ लक्ष्मी सदैव निवास करती हैं.